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सेहत की बात: गर्मियों में आपका भी ब्लड प्रेशर लो हो जाता है? जानिए क्या है इसका कारण और कैसे रखें बीपी कंट्रोल

Mon, 09 Jun 2025 05:23 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • गर्मियों में लो ब्लड प्रेशर के मामले बढ़ जाते हैं और अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह बेहोशी, थकान और हृदय संबंधी जटिलताओं का कारण बन सकता है।
  •  ये कितना खतरनाक हो सकता है और इससे बचाव के लिए आपको क्या उपाय करते रहना चाहिए?
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लो ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण - फोटो : Freepik.com
Low Blood Pressure: देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देखा जा रहा है। बढ़ता तापमान आपकी सेहत के लिए कई प्रकार की दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है। गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं काफी आम हो जाती हैं। इसके अलावा इस मौसम में ब्लड प्रेशर लो होने की समस्या भी काफी ज्यादा देखी जाती रही है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, गर्मियों में लो ब्लड प्रेशर के मामले बढ़ जाते हैं और अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह बेहोशी, थकान और हृदय संबंधी जटिलताओं का कारण बन सकता है। जिन लोगों को पहले से ब्लड प्रेशर की समस्या रही है उन्हें इस मौसम में सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 

अब सवाल है कि आखिर गर्मियों में ब्लड प्रेशर लो क्यों हो जाता है, ये कितना खतरनाक हो सकता है और इससे बचाव के लिए आपको क्या उपाय करते रहना चाहिए? आइए इसे विस्तार से समझते हैं।
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गर्मियों में लो ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
क्यों लो हो जाता है ब्लड प्रेशर?

अध्ययनों से पता चलता है कि अधिक तापमान और शरीर की प्रतिक्रिया से संबंधित कई कारकों के चलते गर्मियों में रक्तचाप कम होना आम है।
  • इसका पहला कारण है अत्यधिक पसीना आना। पसीना अधिक आने से तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट शरीर से ज्यादा मात्रा में निकल जाते हैं, जिससे रक्त की इनकी मात्रा कम हो जाती है इससे रक्तचाप कम हो सकता है।
  • इसी तरह गर्मी के प्रति शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया में वासोडिलेशन भी शामिल है, जिसमें रक्त वाहिकाएं शरीर को ठंडा करने में मदद करने के लिए चौड़ी हो जाती हैं, जिससे भी रक्तचाप भी कम हो जाता है।
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गर्मियों में हाइपोटेंशन का खतरा - फोटो : Adobe Stock Photos
हाइपोटेंशन का खतरा

डॉक्टर बताते हैं, जब शरीर गर्मी के संपर्क में आता है, तो त्वचा की रक्त वाहिकाएं फैलने लगती हैं जिससे शरीर की गर्मी बाहर निकल सके। इस प्रक्रिया में रक्त का दबाव कम हो जाता है।

मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार बढ़ती गर्मी शरीर में ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक रूप से कम कर सकती है, खासकर उन लोगों में जो पहले से ही हाइपोटेंशन यानी लो ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे हैं।

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सोडियम की कमी और इसके कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : Freepik.com
सोडियम का संतुलन बनाना जरूरी

हमारे शरीर में सोडियम का संतुलन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में अहम भूमिका निभाता है। गर्मियों में अधिक पसीना के साथ ज्यादा मात्रा में सोडियम भी शरीर से बाहर निकल जाता है, जिससे लो बीपी की स्थिति बन सकती है। इस स्थिति में आपको कमजोरी, शरीर ठंडा पड़ने, उलझन या धुंधला दिखने जैसी कई समस्याएं होने लगती हैं।

लो ब्लड प्रेशर के कारण दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नही मिल पाता जिससे चक्कर आने लगता है, इसके अलावा ये समस्या हृदय गति में भी असंतुलन बना देती है जिसके कारण और भी कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं। 
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नारियल पानी, हाइड्रेशन का रखें ध्यान - फोटो : Freepik.com
ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कैसे करें?

गर्मी के दिनों में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित बनाए रखने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
  • दिन भर खूब पानी पीएं। कम से कम 8-10 गिलास जरूर पिएं।   
  • हाइड्रेशन के लिए नींबू पानी, नारियल पानी, ओआरएस का सेवन भी कर सकते हैं।
  • गर्मियों में सोडियम की कमी को पूरा करने के लिए नींबू पानी में हल्का नमक मिलाकर, छाछ या जलजीरा भी पी सकते हैं।
  • फल-सब्जियों का सेवन बढ़ाएं, खासकर तरबूज, खीरा, संतरा, पपीता और अनार खाएं क्योंकि इनमें ज्यादा पानी होता है।
यदि आपका ब्लड प्रेशर लगातार लो बना रहता है तो डॉक्टर से सलाह लेकर इसे कंट्रोल करने वाले उपाय करें। लंबे समय तक बनी रहने वाली ये समस्या गंभीर भी हो सकती है इसलिए इसे अनदेखा न करें।




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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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