Side Effects of Drinking Energy Drinks Regularly: आजकल युवाओं के बीच एनर्जी ड्रिंक पीने का काफी चलन है। ये स्वास्थ्य के लिए कितनी सही है और कितनी खतरनाक, आज हम आपसे इसी बारे में बात करेंगे।
विज्ञापन
1 of 7
युवाओं में बढ़ती एनर्जी ड्रिंक की आदत कितनी सुरक्षित?
- फोटो : AI
Side Effects of Drinking Energy Drinks Regularly: आजकल युवाओं के बीच एनर्जी ड्रिंक पीने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई के दौरान जागने, जिम में एनर्जी बढ़ाने, लंबे समय तक काम करने या पार्टी के दौरान फ्रेश महसूस करने के लिए युवा अक्सर इनका सेवन करते हैं। कुछ समय के लिए एनर्जी और अलर्टनेस महसूस जरूर होती है, लेकिन सवाल यह है कि क्या रोजाना एनर्जी ड्रिंक पीना सेहत के लिए सुरक्षित है?
ऐसा माना जाता है कि किशोरों और युवाओं के लिए इसका नियमित सेवन चिंता का विषय बन सकता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि एनर्जी ड्रिंक शरीर को असली ऊर्जा देती है या सिर्फ कुछ समय के लिए थकान का एहसास दबाती है।
विज्ञापन
2 of 7
युवाओं में बढ़ती एनर्जी ड्रिंक की आदत कितनी सुरक्षित?
- फोटो : AI
एनर्जी ड्रिंक में क्या होता है?
एनर्जी ड्रिंक में मुख्य रूप से कैफीन, शुगर और कुछ अन्य तत्व होते हैं, जो थोड़े समय के लिए ऊर्जा का एहसास बढ़ा सकते हैं। कुछ उत्पादों में टॉरिन, ग्वाराना और अन्य तत्व भी मिलाए जाते हैं।
विज्ञापन
3 of 7
युवाओं में बढ़ती एनर्जी ड्रिंक की आदत कितनी सुरक्षित?
- फोटो : AI
रोजाना एनर्जी ड्रिंक पीने के नुकसान
ज्यादा कैफीन लेने से रात में नींद आने में परेशानी हो सकती है।
अधिक कैफीन कुछ लोगों में हार्टरेट बढ़ा सकता है और धड़कन महसूस होने की समस्या हो सकती है।
कैफीन की ज्यादा मात्रा एंग्जायटी और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकती है।
ज्यादा कैफीन या अचानक कैफीन छोड़ने पर कुछ लोगों को सिरदर्द हो सकता है।
कई एनर्जी ड्रिंक्स में काफी मात्रा में एडेड शुगर होती है। नियमित सेवन से कुल कैलोरी और शुगर intake बढ़ सकता है।
रोजाना इसे पीने से शरीर इसकी आदत डाल सकता है और सेवन कम करने पर थकान या सिरदर्द महसूस हो सकता है।
4 of 7
युवाओं में बढ़ती एनर्जी ड्रिंक की आदत कितनी सुरक्षित?
- फोटो : AI
युवाओं के लिए क्यों ज्यादा चिंता की बात?
युवाओं में पर्याप्त नींद, संतुलित खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी है। एनर्जी ड्रिंक से मिलने वाली राहत कभी भी थकान का वास्तविक समाधान नहीं है। अगर कोई व्यक्ति लगातार कम सो रहा है और दिनभर एनर्जी ड्रिंक के सहारे जाग रहा है, तो यह लाइफस्टाइल समस्या का संकेत हो सकता है।
विज्ञापन
5 of 7
युवाओं में बढ़ती एनर्जी ड्रिंक की आदत कितनी सुरक्षित?
- फोटो : AI
क्या एनर्जी ड्रिंक से तुरंत एनर्जी मिलती है?
एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद कैफीन के कारण कुछ समय के लिए व्यक्ति ज्यादा अलर्ट और एक्टिव महसूस कर सकता है। लेकिन इसे शरीर की वास्तविक ऊर्जा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। पर्याप्त नींद, पौष्टिक भोजन और पानी शरीर को बेहतर तरीके से सपोर्ट करते हैं।
विज्ञापन
6 of 7
युवाओं में बढ़ती एनर्जी ड्रिंक की आदत कितनी सुरक्षित?
- फोटो : AI
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
किशोरों, कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों और ऐसे लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए जिन्हें कैफीन लेने के बाद धड़कन तेज होना, बेचैनी या नींद की समस्या होती है। बच्चों और किशोरों के लिए एनर्जी ड्रिंक से बचना बेहतर विकल्प है। अगर एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद सीने में दर्द, बहुत तेज या अनियमित धड़कन, चक्कर, बेहोशी या गंभीर परेशानी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
युवाओं में बढ़ती एनर्जी ड्रिंक की आदत कितनी सुरक्षित?
- फोटो : AI
एनर्जी ड्रिंक का बेहतर विकल्प क्या है?
थकान महसूस होने पर सबसे पहले पर्याप्त पानी, संतुलित भोजन और अच्छी नींद पर ध्यान देना चाहिए। जिम या एक्सरसाइज के दौरान सामान्य परिस्थितियों में पानी पर्याप्त हो सकता है। लंबे समय तक थकान बनी रहती है तो सिर्फ एनर्जी ड्रिंक पर निर्भर रहने के बजाय इसके कारण को समझना जरूरी है।
------------------------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।