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Arthritis Risk: ऐसी है दिनचर्या तो 35 की उम्र में ही हो सकते हैं आर्थराइटिस के शिकार, ऐसे लोग रहें खास सावधान

Sun, 02 Jun 2024 06:58 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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गठिया के जोखिम कारक - फोटो : istock
आर्थराइटिस यानी गठिया की समस्या को एक दशक पहले तक उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कत के रूप में जाना जाता था, हालांकि अब कम उम्र के लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण हड्डियों में कमजोरी और इससे संबंधित समस्याओं को बढ़ते हुए देखा जा रहा है। आर्थराइटिस की समस्या के कारण रोजमर्रा के कार्यों में बाधा आ सकती है, ये जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करने वाली हो सकती है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक दशक में 35 से कम आयु वालों में आर्थराइटिस के मामले तेजी से बढ़ते देखे गए हैं। युवाओं में ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए अधिक वजन या मोटापा को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। आइए जानते हैं कि इसके और क्या कारण हो सकते हैं और इससे बचाव के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
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आर्थराइटिस की समस्या - फोटो : istock
गठिया के बढ़ते मामले

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया अधिक वजन की स्थिति जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे गठिया का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा गतिहीन जीवनशैली, ज्यादा देर तक बैठे रहना या व्यायाम न करना भी इस समस्या का कारण बन सकती है।

जीवनशैली में कुछ बदलाव करने से गठिया होने का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें आर्थराइटिस का कारण बन सकती हैं?
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धूम्रपान से होने वाली समस्याएं - फोटो : istock
धूम्रपान करते हैं तो हो जाएं सावधान

धूम्रपान की आदत को आर्थराइटिस के प्रमुख कारकों में से एक माना जाता है, ये रूमेटाइड अर्थराइटिस के बढ़ते जोखिमों के लिए भी जिम्मेदार पाया गया है। धूम्रपान के कारण जोड़ों में कठोरता बढ़ने का जोखिम रहता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, धूम्रपान छोड़ने से इसके जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया धूम्रपान करने वाले लोगों को जोड़ों की सेहत को लेकर और भी सावधानी बरतते रहने की जरूरत होती है।

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वजन कंट्रोल में रखना जरूरी - फोटो : istock
वजन को कंट्रोल रखना जरूरी

अधिक वजन को जोड़ों के लिए समस्याकारक माना जाता है इससे अर्थराइटिस, विशेष रूप से ऑस्टियोआर्थराइटिस का जोखिम बढ़ जाता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने से गठिया होने के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। वजन को कम रखने के लिए स्वस्थ और पौष्टिक आहार के सेवन के साथ-साथ नियमित व्यायाम करने से भी लाभ मिल सकता है। वजन प्रबंधन में नियमित शारीरिक गतिविधि को सबसे प्रभावी है। 
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नियमित व्यायाम की बनाएं आदत - फोटो : istock
नियमित व्यायाम बहुत जरूरी

शारीरिक गतिविधि जोड़ों की गतिशीलता को बनाए रखने, मांसपेशियों को मजबूत करने और समग्र स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए जरूरी है। यह एंडोर्फिन के स्राव को भी बढ़ावा देता है, जो दर्द को प्रबंधित करने में मदद कर सकता है। अपनी दिनचर्या में नियमित व्यायाम जैसे वॉकिंग, साइकिल चलाना, तैराकी या योग को शामिल करें। व्यायाम की आदत बनाने से वजन को कंट्रोल रखना और जोड़ों की समस्याओं को कम करना दोनों आसान हो सकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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