सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के नुकसान
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अध्ययन में क्या पता चला?
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने ये अध्ययन किया। शोध में यूके बायोबैंक के 1.54 लाख से अधिक व अमेरिका के ऑल ऑफ अस रिसर्च प्रोग्राम के 10 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों के स्वास्थ्य, जीवनशैली और जैविक आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।
- शोधकर्ताओं का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली इस समस्या को और गंभीर बना रही है।
- मोटापा, असंतुलित खान-पान, शराब का सेवन, लंबे समय तक बैठे रहना, बढ़ता मानसिक तनाव और प्रदूषण जैसे कारक शरीर की जैविक उम्र को तेजी से बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन यह साबित नहीं करता कि जैविक उम्र का तेजी से बढ़ना ही कैंसर का प्रत्यक्ष कारण है, लेकिन दोनों के बीच मजबूत संबंध जरूर सामने आया है। अध्ययन की खास बात यह भी है कि इसमें केवल कैंसर कोशिकाओं का नहीं, बल्कि पूरे शरीर में समय के साथ होने वाले जैविक बदलावों का विश्लेषण किया गया है, जिससे कैंसर के शुरुआती जोखिम को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिल सकती है।