कोरोनावायरस, संक्रमण के दौरान और बाद में भी शरीर में कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन रहा है। संक्रमण के दौरान जहां लोगों में गंभीर रोग विकसित होने का जोखिम देखा गया, वहीं लॉन्ग कोविड की स्थिति में 6 महीने से एक साल तक भी लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं बनी हुई रिपोर्ट की जा रही हैं। अब तक के कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि कोरोनावायरस हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क की क्षमता को प्रभावित कर के इससे संबंधित रोगों को बढ़ाने वाला हो सकता है, इसी से संबंधित एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने पाया कि संक्रमितों में यह वायरस सुनने की क्षमता को भी प्रभावित कर रहा है।
एक अध्ययन के अनुसार कोविड-19 संक्रमण अचानक बहरेपन या श्रवण हानि का खतरा बढ़ा सकता है, यह दिक्कत हल्के लक्षण वाले लोगों में भी देखी गई है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि सडेन सेंसरिनुरल हियरिंग लॉस (SSNHL) जिसे अचानक बहरापन भी कहा जाता है, यह कोविड-19 का एक साइड-इफेक्ट हो सकता है, हालांकि इसके बारे में ज्यादा चर्चा नहीं होती है। इसे सामान्य लक्षणों के रूप में भी सूचीबद्ध नहीं किया गया है, हालांकि कई लोगों में इस तरह की दिक्कत देखी गई है।