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Health Tips: दिनभर लैपटॉप पर काम करते हैं? बढ़ सकता है इन गंभीर बीमारियों का खतरा!

Wed, 10 Jun 2026 11:53 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Laptop Related Health Issues: लैपटॉप आज के समय में बच्चों से लेकर बड़ों तक की जरूरत बन गया है। पर, क्या आप जानते हैं कि इसकी वजह से शरीर में कई बीमारियां पनप सकती हैं। यहां हम इसी बारे में बात करेंगे। 
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लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल पड़ सकता है भारी - फोटो : AI
Laptop Related Health Issues: आज के डिजिटल दौर में लैपटॉप हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई, मनोरंजन या फिर सोशल मीडिया, ज्यादातर लोग दिन के कई घंटे लैपटॉप के सामने बिताते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस लैपटॉप पर आप रोजाना काम करते हैं, वही आपकी सेहत के लिए खतरा भी बन सकता है?

यदि लैपटॉप की नियमित सफाई न की जाए और इस्तेमाल के दौरान सही सावधानियां न बरती जाएं तो कई तरह की बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। आइए जानते हैं कि लैपटॉप किस तरह आपकी सेहत को प्रभावित कर सकता है और इससे बचाव के लिए क्या कदम उठाने चाहिए।

 
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लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल पड़ सकता है भारी - फोटो : Adobe stock
लैपटॉप कैसे बन सकता है बीमारी की वजह?

1. कीबोर्ड पर पनपते हैं बैक्टीरियों से खतरा
 
  •  कई बार लोग लैपटॉप इस्तेमाल करते समय चेहरे, आंखों या मुंह को छू लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  •  संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में खुजली, एलर्जी या त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं।
  •  इसलिए लैपटॉप इस्तेमाल करने के बाद हाथ साफ करना जरूरी माना जाता है।

 
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लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल पड़ सकता है भारी - फोटो : Adobe Stock
2. आंखों पर पड़ता है बुरा असर
 
  • लगातार कई घंटों तक लैपटॉप स्क्रीन को देखने से आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
  •  इससे आंखों में सूखापन, जलन, खुजली, लालिमा और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • विशेषज्ञ इस स्थिति को डिजिटल आई स्ट्रेन या कंप्यूटर विजन सिंड्रोम कहते हैं। 
  • स्क्रीन की तेज रोशनी और लगातार फोकस बनाए रखने के कारण आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं। 
  • समय रहते ध्यान न देने पर सिरदर्द और एकाग्रता में कमी की समस्या भी हो सकती है।

 

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लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल पड़ सकता है भारी - फोटो : Freepik.com
3. गर्दन और पीठ दर्द की समस्या
 
  • लैपटॉप पर काम करते समय ज्यादातर लोग झुककर बैठते हैं, जिससे गर्दन और पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। 
  • लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठने से गर्दन में अकड़न, कंधों में दर्द और कमर दर्द की समस्या शुरू हो सकती है।
  •  लगातार ऐसा करने पर रीढ़ की हड्डी के प्राकृतिक संतुलन पर भी असर पड़ सकता है। 
  • वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोगों में यह समस्या तेजी से बढ़ी है क्योंकि कई बार वे उचित कार्यस्थल का उपयोग नहीं करते।

 
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लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल पड़ सकता है भारी - फोटो : Freepik.com
 4. नींद की गुणवत्ता हो सकती है खराब
 
  • लैपटॉप और अन्य डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर के प्राकृतिक स्लीप साइकल को प्रभावित कर सकती है। 
  • रात में देर तक लैपटॉप का उपयोग करने से मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन कम हो सकता है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी होता है। 
  • इसके कारण सोने में परेशानी, बार-बार नींद टूटना और सुबह थकान महसूस होना जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। 
  • लंबे समय तक खराब नींद मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर सकती है।

 
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लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल पड़ सकता है भारी - फोटो : Adobe Stock
 5. मानसिक स्वास्थ्य पर असर
 
  • आज के समय में लगातार ऑनलाइन रहना और घंटों स्क्रीन पर काम करना मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। 
  • लगातार ईमेल, ऑनलाइन मीटिंग्स, सोशल मीडिया और काम के दबाव के कारण तनाव और चिंता बढ़ सकती है।
  •  लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने से मानसिक थकान, चिड़चिड़ापन और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई भी हो सकती है। 
  • कुछ लोगों में डिजिटल ओवरलोड की वजह से सामाजिक दूरी और अकेलेपन की भावना भी विकसित हो सकती है। 
  • इसलिए समय-समय पर स्क्रीन से दूरी बनाना और मानसिक आराम के लिए ब्रेक लेना बेहद जरूरी है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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