लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी के कारण हाल के वर्षों में जिन बीमारियों के मामले सबसे तेजी से बढ़े हैं, हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन उनमें से एक है। ब्लड प्रेशर बढ़ने को सेहत के लिए कई प्रकार से नुकसानदायक माना जाता है। इससे हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों का खतरा तो होता ही है, साथ ही ये ब्रेन स्ट्रोक, किडनी की बीमारी, तंत्रिकाओं और आंखों को भी प्रभावित कर सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वो काफी चिंता बढ़ाने वाले हैं।
कुछ दशकों पहले तक माना जाता था कि हाई बीपी की सिर्फ बुजुर्गों को होती है, हालांकि अब ये कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ती जा रही है। इसी से सबंधित
द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक वैश्विक विश्लेषण के अनुसार, पिछले दो दशकों में बच्चों और किशोरों में उच्च रक्तचाप के मामले लगभग दोगुना बढ़ गए हैं। साल 2000 में बच्चों में बीपी के मामले 3.2 प्रतिशत से बढ़कर 2020 में ये छह प्रतिशत से अधिक हो गए हैं।
विशेषज्ञों ने अलर्ट किया है कि अगर समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान न दिया गया तो हाई ब्लड प्रेशर के कारण हृदय रोग और किडनी के मरीजों की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ सकती है।