कोरोना महामारी के साथ जिस गति से मंकीपॉक्स का संक्रमण भी दुनियाभर में तेजी से बढ़ता जा रहा है, यह निश्चित ही डराने वाला है। अध्ययनों में कोरोना की तुलना में भले ही मंकीपॉक्स को गंभीर समस्याकारक न माना जाता रहा हो, पर जिस गति से यह फैल रहा है वह विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। मंकीपॉक्स से देश में अबतक नौ लोगों को संक्रमित पाया जा चुका है जिसमें से एक की मौत हो गई है। संक्रमण के लेकर लोगों के मन में अब भी कई सारे सवाल हैं, जैसे इस संक्रमण को कितना खतरनाक माना है, किस आयु वाले लोगों में इसका खतरा अधिक होता है और क्या यह कोरोना की तरह कोई एक नई महामारी का कारण बन सकता है?
मंकीपॉक्स का खतरा किन लोगों में अधिक होता है, इस बारे में जानने के लिए अध्ययन कर रही शोधकर्ताओं की टीम ने बड़ा दावा किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि स्वस्थ वयस्कों की तुलना में मंकीपॉक्स से जुड़ी जटिलताएं बच्चों, गर्भवती और इम्यूनो कॉम्प्रोमाइज लोगों में अधिक देखी जा रही है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसे लोगों में संक्रमण की स्थिति में मृत्युदर का भी खतरा अधिक हो सकता है। आइए आगे इस बारे में विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं।