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आपकी खूबसूरती पर भी असर डालते हैं मच्छर, समय रहते संभल जाएं

Thu, 20 Sep 2018 09:36 AM IST
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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डेंगू मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियों के अलावा मच्छर एक और ऐसी बीमारी फैलाते हैं जिसका सीधा असर रोगी के स्वास्थ्य के साथ उसकी खूबसूरती पर भी पड़ता है। आपको सुनकर थोड़ा अजीब लग सकता है पर यह बात सच है। जी हां और इस बीमारी का नाम है ला क्रोसे इंसेफेलाइटिस। 
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मच्छर से पैदा होने वाले इस वायरस का नाम अमरीका के विस्कॉन्सिन राज्य के ला क्रोसे शहर के नाम पर पड़ा है। इस रोग के बारे में लोगों को पहली बार साल 1963 में पता चला था। हालांकि यह काफी दुर्लभ बीमारी है। अमरीका में हर साल इसके केवल 80-100 मामले ही सामने आते हैं। खास बात यह है कि यह रोग ज्यादातर बच्चों में देखा जाता है। 
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सिर दर्द
ला क्रोसे इंसेफेलाइटिस से पीड़ित लोगों को बुखार, सिरदर्द, मितली, उल्टी, थकान और सुस्ती होती है। इस रोग के बहुत अधिक गंभीर होने पर रोगी को कब्ज, बेहोशी,कोमा और लकवे की शिकायत भी हो सकती है।इसका शुरुआती स्तर पर इलाज लाभदायक हो सकता है। लेकिन इसके कृमि के वयस्क हो जाने पर उस पर दवाओं का प्रभाव नहीं पड़ता है।

 

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इस बीमारी का वर्णन ढाई हजार साल से भी पहले हिंदू और फारसी डॉक्टरों ने कर दिया था। खास बात है कि इसके परजीवी कृमि वुकेरेरिया वैनक्रोफिट को भी मच्छर ही फैलाते हैं।गंभीर हो जाने पर यह बीमारी लिंफटिक फाइलेरिया या हाथीपांव का भी रूप ले सकती है। इसके लार्वा के कृमि बनने में करीब एक साल का समय लगता है।
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mosquito
इंसान के लसिका तंत्र में इस बीमारी का संक्रमण होने पर त्वचा के नीचे के ऊतक मोटे होने लगते हैं, खासकर इसका असर रोगी के पैर, हाथ, स्तन और जननांगों पर पड़ता है। यह पूरी तरह से इंसान की सुंदरता को प्रभावित करने वाली बीमारी है, जो मच्छरों से फैलती है। इसकी पहचान स्कॉटलैंड के पैट्रिक मैनसन ने चीन में अपने माली में की थी, जो कि फाइलेरिया से पीड़ित था। 
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