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होली 2021: जानें सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है रंगों का यह त्योहार?

Sat, 27 Mar 2021 06:47 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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होली - फोटो : pixabay
पूरे देश में रंगों के त्योहार होली को हर्षोल्लास और आनंद के रूप में मनाया जाता है। आपने अक्सर होली में प्रयोग होने वाले रंगों और इस त्योहार के उत्सव में खान-पान से होने वाले सेहत के नुकसान के बारे में पढ़ा और सुना होगा। पर क्या आप होली के त्योहार से सेहत को होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं? आप सोच रहे होंगे कि आखिर होली खेलने से स्वास्थ्य को कैसे फायदा हो सकता है? यहां हम आपको ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको जानने के बाद आप इस बार की होली को बस उत्साह तक ही सीमित नहीं ऱखना चाहेंगे।
होली का त्योहार और इसको मनाने का तरीका हमारे सेहत को कैसे फायदा पहुंचा सकता है, आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं।
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holika dahan - फोटो : getty images
होलिका दहन
होली की शुरुआत होलिका दहन के साथ होती है। यह त्योहार ऐसे मौसम में होता है जब पर्यावरण में कई तरह के बैक्टीरिया तेजी से बढ़ रहे होते हैं। होली के एक दिन पहले होने वाले होलिका दहन में इसके आसपास चलने की परंपरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करने और जगह-जगह होलिका जलाने से वातावरण के साथ शरीर पर मौजूद बैक्टीरिया मर जाते हैं। यह हमें कई तरह के रोगों से सुरक्षा देती है। 
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- फोटो : अमर उजाला
रंगों का मस्तिष्क पर प्रभाव
रंगों को हमारे मनोविज्ञान से जोड़कर देखा जाता है। होली के जीवंत रंगों में डूबा हुआ हमारा मन और शरीर इससे असंख्य प्रकार के लाभ का अनुभव करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक लाल और चमकीले रंग दिल की धड़कन और श्वास को उत्तेजित करते हैं। वहीं पीले और नीले रंग न सिर्फ हमें खुशी का अनुभव कराते हैं साथ ही यह हमारी इंद्रियों को भी शांत करने में सहायक हैं।

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happy holi 2021 - फोटो : istock
होली के खान-पान
होली को इसके ठंडे और शीतल पेय पदार्थों के रूप में जाना जाता है। ठंडाई और कांजी जैसे प्रसिद्ध होली पेय न केवल शरीर और दिमाग को शीतलता देते हैं साथ ही इन्हें एंटी-ऑक्सीडेंट का एक उत्कृष्ट स्रोत भी माना जाता है। स्वादिष्ट ठंडाई में बादाम, दूध तरबूज के बीज, सौंफ के बीज और गुलाब की पंखुड़ियों को प्रयोग में लाया जाता है। ये सभी पदार्थ पोषक तत्वों और फाइबर से समृद्ध होते हैं। 
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होली में बिकते राजनीतिक पार्टियोंं के रंग - फोटो : social media
प्राकृतिक रंगों का प्रयोग
पारंपरिक रूप से होली के रंगों को हिबिस्कस के फूल, मेंहदी के पत्ते, केसर, चंदन आदि के मिश्रण से बनाया जाता है। ये प्राकृतिक रंग न केवल आपकी त्वचा, बालों और आँखों के लिए अच्छे हैं साथ ही ये मृत त्वचा को भी साफ़ करने में भी सहायक हैं। त्वचा की रंगत सुधारने के लिए इन औषधियों का आयुर्वेद में जिक्र मिलता है। लाल रंग स्फूर्तिदायक है, यह हृदय के कार्यों और श्वासन क्रिया को बेहतर करने में सहायक है। पीले रंग को आंतों के लिए फायदेमंद जबकि नीले रंग को इंद्रियों को शांत करने वाला माना जाता है।
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