डॉ. रणधीर सिंह के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के पहले तीन महीने के दौरान ही शिशु का लिंग बनता है। हालांकि, अधिकांश मामलों में किसी शिशु के ट्रांसजेंडर होने की वजह अज्ञात होती है, लेकिन शिशु के लिंग निर्धारण के समय ही किसी चोट, टॉक्सिक खान-पान, हॉर्मोनल प्रॉब्लम जैसी किसी वजह से पुरुष या महिला बनने के बजाय दोनों ही लिंगों के ऑर्गन्स या गुण आ सकते हैं। वहीं गाजियाबाद के चंद्र लक्ष्मी अस्पताल की गायनोलॉजिस्ट डॉक्टर रितु तिवारी सहगल की माने तो किसी भी बच्चे के बारे में कि वो ट्रांसजेंडर है या नहीं उसकी प्यूबर्टी आने पर ही पता लगाया जा सकता है।प्यूबर्टी (यौवनावस्था) के दौरान आपका मस्तिष्क कुछ रसायनों का स्राव करता है जिन्हें हार्मोन कहते हैं। हार्मोन आपके शरीर में परिवर्तन ला सकते हैं। इस समय अगर आपका बच्चा अपने जेंडर के विपरीत कार्य करता हुआ नजर आता है तो ये आपके बच्चे के ट्रांसजेंडर होने की तरफ इशारा करते हैं ऐसे में आइए जानते हैं आखिर क्या होते हैं ये लक्षण।