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Kidney Health: आपकी ये चार आदतें 'साइलेंटली' आपकी किडनी को कर रही हैं खराब, ऐसे करें बचाव

Mon, 06 Oct 2025 09:38 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आज के समय में किडनी से संबंधित समस्या होना बहुत आम बात है, जिससे हमारे देश में लाखों लोग परेशान हैं। किडनी का खराब होना एक बेहद गंभीर और जानलेवा बीमारी है। ये समस्या कई बार हमारी ही दिनचर्या में कुछ गलतियों की वजह से होती है।
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किडनी - फोटो : Freepik.com
Kidney Damaging Habits: हमारे शरीर में किडनी की भूमिका एक फिल्टर की तरह होती है, जो रक्त से हानिकारक तत्वों और अतिरिक्त तरल पदार्थों को हटाकर शरीर को स्वस्थ रखती है। मगर हमारी रोजमर्रा की कुछ ऐसी आदतें हैं जो धीरे-धीरे हमारी किडनी को नुकसान पहुंचा रही हैं। खराब जीवनशैली और कुछ गलत आदतें किडनी की बीमारी का कारण बन सकती हैं, जिसे अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआती चरण में दिखाई नहीं देते हैं।

इन आदतों में सबसे प्रमुख हैं कम पानी पीना, दर्द निवारक दवाओं का अत्यधिक सेवन करना, अनियंत्रित ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर। इन समस्याओं के कारण किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है, और जब तक इसका पता चलता है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। आंकड़ों के अनुसार, भारत में क्रोनिक किडनी डिजीज के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे किडनी फेलियर का खतरा बढ़ रहा है। इसलिए अपनी आदतों में सुधार लाना और किडनी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है, ताकि इस गंभीर समस्या से बचा जा सके।
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पीने का पानी - फोटो : Adobe Stock
कम पानी पीना
शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। जब आप कम पानी पीते हैं, तो शरीर में विषाक्त पदार्थ और अपशिष्ट जमा होने लगते हैं, जिससे किडनी पर दबाव बढ़ता है। पर्याप्त पानी पीने से किडनी इन विषाक्त पदार्थों को आसानी से बाहर निकाल पाती है। कम पानी पीने से किडनी में पथरी (किडनी स्टोन) का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए हर दिन 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए।

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दवाएं - फोटो : Freepik.com
दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन
अक्सर लोग हल्के-फुल्के दर्द या बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाएं (पेनकिलर्स) ले लेते हैं। इन दवाओं में मौजूद तत्व, खासकर NSAIDs (नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स), किडनी के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनका लंबे समय तक या अत्यधिक सेवन किडनी की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर सकता है, जिससे रक्त प्रवाह कम हो जाता है और किडनी को नुकसान पहुँचता है। इन दवाओं का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

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ब्लड प्रेशर - फोटो : Freepik.com
हाई ब्लड प्रेशर और अनियंत्रित ब्लड शुगर
हाई ब्लड प्रेशर और अनियंत्रित ब्लड शुगर (मधुमेह) किडनी की बीमारियों के दो सबसे बड़े कारण हैं। हाई ब्लड प्रेशर किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को क्षतिग्रस्त कर देता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता कम हो जाती है। इसी तरह अनियंत्रित ब्लड शुगर भी इन वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है, जिसे डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहते हैं। इन दोनों स्थितियों को सही जीवनशैली से नियंत्रित करना बहुत जरूरी है।
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प्रोसेस्ड फूड - फोटो : Adobe Stock
अत्यधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड
नमक में सोडियम होता है, जिसकी अधिक मात्रा शरीर में पानी जमा कर देती है और ब्लड प्रेशर को बढ़ाती है, जो सीधे तौर पर किडनी पर दबाव डालता है। प्रोसेस्ड फूड में भी सोडियम, फास्फोरस और पोटेशियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो किडनी के लिए हानिकारक हैं। स्वस्थ रहने के लिए, अपने भोजन में नमक की मात्रा कम करें और ताजे फल, सब्जियां, और घर का बना खाना खाएं। इन आदतों में सुधार लाकर आप अपनी किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं।

स्रोत और संदर्भ
Chronic kidney disease

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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