फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kidney: पैरों में दर्द के साथ दिख रहे हैं ये लक्षण, कहीं ये किडनी फेलियर का संकेत तो नहीं?

Sun, 01 Feb 2026 08:52 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Signs of Kidney Failure in Legs: हमारे देश की एक बड़ी आबादी किडनी फेलियर से जुड़ी समस्याओं से परेशान है। ऐसा होने के पीछे कई कारण है, मगर ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर समय रहते इस बीमारी का पहचान कर लिया जाए तो इसे ठीक किया जा सकता है। इसलिए आइए इस लेख में किडनी फेलियर के शुरुआती लक्षणों के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन
1 of 5
किडनी - फोटो : Freepik.com
Leg Pain and Swelling Kidney Link: किडनी हमारे शरीर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को छानने और शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। अक्सर हम पैरों के दर्द को थकान या मांसपेशियों की खिंचाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, पैरों में दर्द और सूजन किडनी की बीमारी का एक शुरुआती और गंभीर चेतावनी संकेत हो सकता है। 

जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती, तो शरीर में सोडियम और तरल पदार्थ जमा होने लगते हैं, जिससे पैरों, टखनों और पंजों में भारीपन व दर्द महसूस होता है। इसे 'एडिमा' कहा जाता है। अगर इस दर्द के साथ आपको पेशाब के रंग में बदलाव, रात में बार-बार पेशाब आना या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह 'क्रोनिक किडनी डिजीज' या किडनी फेलियर की शुरुआत हो सकती है। शुरुआती चरणों में इन संकेतों को पहचानना ही डायलिसिस और ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर स्थितियों से बचने का एकमात्र तरीका है।
विज्ञापन

2 of 5
किडनी - फोटो : Freepik.com
पैरों में सूजन और 'पिटिंग एडिमा' की पहचान
किडनी की कार्यक्षमता घटने पर शरीर में पानी रुकने लगता है। अगर आप अपने पैरों की सूजन वाली जगह को उंगली से दबाते हैं और वहां गड्ढा बन जाता है जो देर से भरता है, तो इसे 'पिटिंग एडिमा' कहते हैं। यह इस बात का संकेत है कि आपकी किडनी अतिरिक्त तरल पदार्थ को बाहर निकालने में असमर्थ है। यह स्थिति अक्सर सुबह के समय आंखों के नीचे सूजन और शाम तक पैरों में भारीपन के रूप में दिखाई देती है।

ये भी पढ़ें- Budget 2026-27: कैंसर रोगियों को बड़ी राहत, सस्ती होंगी दवाएं; जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
विज्ञापन

3 of 5
बार बार पेशाब आना - फोटो : Adobe stock
पेशाब में बदलाव और त्वचा पर खुजली
किडनी फेलियर की ओर बढ़ने पर पेशाब की मात्रा या रंग में बदलाव आना सामान्य है। अगर पेशाब में झाग (फोम) आ रहा है, तो यह 'प्रोटीनूरिया' का संकेत है, जिसका मतलब है कि किडनी प्रोटीन को नहीं रोक पा रही है। इसके अलावा, खून में जहरीले तत्वों के जमा होने से पूरे शरीर और पैरों में तेज खुजली हो सकती है। यह खुजली अक्सर रात में बढ़ जाती है और किसी भी क्रीम से ठीक नहीं होती।

ये भी पढ़ें- Health Tip: नाश्ते के समय की ये गलतियां बढ़ा देती हैं हाई बीपी का जोखिम, आज से ही बरतें सावधानी

4 of 5
थकान - फोटो : Freepik
खून की कमी और मांसपेशियों में ऐंठन
किडनी 'एरिथ्रोपोइटिन' नामक हार्मोन बनाती है जो रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करता है। किडनी खराब होने पर इस हार्मोन की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति एनीमिया का शिकार हो जाता है।

खून की कमी और इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे कैल्शियम और फास्फोरस) का संतुलन बिगड़ने से पैरों की मांसपेशियों में अचानक तेज ऐंठन और दर्द होने लगता है। अगर आप बिना मेहनत किए भी पैरों में कमजोरी और दर्द महसूस करते हैं, तो डॉक्टर से मिलकर अपने लक्षण को बताएं और उनकी सलाह पर किडनी फंक्शन टेस्ट कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
किडनी - फोटो : Freepik.com
समय पर जांच और बचाव के उपाय
किडनी एक 'साइलेंट किलर' की तरह काम करती है, क्योंकि इसके लक्षण तब तक स्पष्ट नहीं होते जब तक कि यह 70-80% डैमेज न हो जाए। इसलिए, हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को अपने पैरों की सूजन और दर्द पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कम नमक वाला भोजन, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। ध्यान रखें, पैरों का मामूली दिखने वाला दर्द आपके शरीर के सबसे महत्वपूर्ण फिल्टर के खराब होने का अलार्म हो सकता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें