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Health Alert: डायबिटीज-आर्थराइटिस के ये लक्षण किडनी रोगों का भी हो सकते हैं संकेत, न हों कंफ्यूज

Fri, 31 Mar 2023 03:56 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी की बीमारियों की करें पहचान - फोटो : istock
आहार और दिनचर्या की गड़बड़ी ने शरीर में जिन अंगों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, किडनी उनमें से एक है। किडनी के महत्वपूर्ण कार्यों में से एक रक्त को साफ करना है। रक्त को साफ करने के साथ किडनी अतिरिक्त तरल पदार्थ, रसायनों और अपशिष्टों को फिल्टर करने में भी मदद करती है। यही कारण है कि अगर इस अंग में किसी भी तरह की दिक्कत बढ़ने लगती है तो शरीर में विषाक्तता बढ़ने के साथ कई प्रकार की और भी दिक्कतों का खतरा बढ़ जाता है।

लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के साथ कुछ प्रकार की बीमारियां जैसे मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) का खतरा आम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र के लोगों को किडनी की सेहत का ध्यान रखते हुए इससे संबंधित बीमारियों के लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहने और बचाव की आवश्यकता है।

अगर समय रहते लक्षणों का पता चल जाता है तो इससे रोग को बढ़ने से रोकने और किडनी को गंभीर क्षति होने से बचाया जा सकता है।
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किडनी की बीमारी - फोटो : istock
किडनी की बीमारियों के लक्षण

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, क्रोनिक किडनी डिजीज के लक्षण समय के साथ विकसित होते हैं। किडनी की कार्यक्षमता में कमी के कारण शरीर के अपशिष्ट बढ़ने या इलेक्ट्रोलाइट समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। इस प्रकार की स्थित में आपको कई प्रकार की दिक्कतें हो सकती हैं, जिनपर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है।
  • जी मिचलाना-उल्टी करना
  • भूख में कमी
  • थकान और कमजोरी
  • नींद की समस्या
  • पेशाब कम या ज्यादा होना
  • मांसपेशियों में ऐंठन
इसके अलावा दो ऐसे लक्षण हैं जो आपको कुछ और बीमारियों में भी हो सकते हैं, पर किडनी की समस्याओं में भी इसपर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
 
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बार-बार पेशाब की इच्छा होने के कारण - फोटो : getty images
सामान्य से अधिक बार पेशाब की इच्छा

क्या आपको भी बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होती है। यह समस्या किडनी और डायबिटीज दोनों ही बीमारियों में हो सकती है। हालांकि खासकर रात में ऐसी दिक्कत होना किडनी की बीमारी का संकेत माना जाता है। जब किडनी के फिल्टर खराब होने लगते हैं, तो इससे पेशाब करने की इच्छा में वृद्धि हो सकती है। कभी-कभी यह पुरुषों में मूत्र संक्रमण या बढ़े हुए प्रोस्टेट का संकेत भी हो सकता है।
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पैरों में सूज की स्थिति - फोटो : Pixabay
टखनों और पैरों में सूजन

पैरों में सूजन की समस्या गठिया के कारण भी हो सकती है, पर इसे किडनी की बीमारियों में भी ध्यान देना चाहिए। आपके टखनों और पैरों में सूजन, किडनी की समस्या विशेषतौर पर किडनी रिटेंशन के कारण होती है। पैर निचले हिस्सों में सूजन को हृदय रोग, लिवर के रोग और पैर की नसों की समस्याओं का भी संकेत माना जाता है। इन समस्या पर गंभीरता से और समय रहते ध्यान देने की जरूरत है।



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नोट:
यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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