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Karwa Chauth 2025: डायबिटिक महिलाएं रख सकती हैं करवाचौथ का व्रत? जानिए डॉक्टर की सलाह

Thu, 09 Oct 2025 10:01 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • डायबिटीज के मरीजों के लिए पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रहना खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक उपवास से ब्लड शुगर अचानक लो लेवल के अनियंत्रित होने का जोखिम रहता है।
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करवा चौथ 2025 - फोटो : freepik
Diabetes: देशभर में करवाचौथ का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है, ये सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं है बल्कि पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास का प्रतीक भी है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से शाम को चांद निकलने तक बिना पानी पिए व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। यह व्रत धार्मिक रूप से जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही स्वास्थ्य की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण भी है। खासकर उन लोगों के लिए जो किसी बीमारी जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, किडनी या हार्ट डिजीज से जूझ रहे हैं।

डॉक्टर कहते हैं, कुछ प्रकार की स्वास्थ्य स्थितियों जैसे डायबिटीज, हृदय रोग, कैंसर आदि में मरीजों को लंबे समय तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए। ये सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है, ऐसे में सवाल है कि जिन महिलाओं को डायबिटीज की समस्या है, क्या वह व्रत रह सकती हैं? अगर हां तो उन्हें व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
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करवा चौथ व्रत के दौरान सावधानियां - फोटो : अमर उजाला
क्या कहती हैं डॉक्टर?

इस बारे में समझने के लिए हमने महिला रोग विशेषज्ञ डॉ अरुणिता गर्ग से बातचीत की। डॉ गर्ग बताती हैं, डायबिटीज के मरीजों के लिए पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए रहना खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक उपवास से ब्लड शुगर लेवल के अनियंत्रित होने का जोखिम रहता है। इस स्थिति में चक्कर आने, पसीना, कमजोरी या बेहोशी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। 

डायबिटीज के रोगियों को थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ हल्का और पौष्टिक चीजें खाते रहने की सलाह दी जाती है। अगर आपका शुगर लेवल अक्सर 200 से ऊपर रहता है तो व्रत न रहना ज्यादा अच्छा है। जिन मरीजों का शुगर कंट्रोल रहता है वह डॉक्टर की सलाह पर कुछ सावधानियों के साथ व्रत रख सकती हैं।
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डायबिटीज और इसके जोखिम कारक - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज के दौरान करवाचौथ का व्रत

डॉ कहती हैं, निर्जला व्रत के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट की कमी हो जाती है, इससे ब्लड शुगर के साथ-साथ ब्लड प्रेशर भी लो हो सकता है। इससे जटिलताएं और भी बढ़ने का जोखिम रहता है। डायबिटीज जैसी बीमारियों में पानी की मात्रा का संतुलन बेहद जरूरी होता है। यदि कोई डायबिटिक महिला करवाचौथ का व्रत रखना चाहती है, तो डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी है। 

ऐसी महिलाओं को आमतौर पर पूरे दिन निर्जला व्रथ रहने की बजाय, पानी या नारियल पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है जिससे डिहाइड्रेशन के खतरे को कम किया जा सके। 
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डायबिटीज के दौरान खानपान की सावधानियां - फोटो : Adobe stock
व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान

करवाचौथ व्रत के दौरान सुबह के सरगी में पौष्टिक और संतुलित चीजों का सेवन करना चाहिए। 

अपने आहार में फाइबर, प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों को शामिल करें। आप दलिया, ओट्स, दूध, ड्राई फ्रूट्स और हरी सब्जियां खा सकती हैं, इससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है और पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। दिन में एक-दो बार शुगर लेवल की जांच भी जरूर करें।

डॉ कहती हैं, व्रत रहने के साथ व्रत खोलते समय भी कुछ सावधानियां जरूरी हैं। शाम को चांद देखने के बाद व्रत खोलते बहुत हल्की चीजें खाएं जिससे एसिडिटी की समस्या न हो। आप मूंग दाल खिचड़ी, दही, सूप या सलाद के साथ व्रत खोल सकती हैं ताकि पाचन सही रहे और ब्लड शुगर अचानक न बढ़े। तली-भुनी या मीठी चीजें न खाएं। 

डॉ अरुणिता कहती हैं, व्रत के दौरान यदि कभी भी आपको असहजता महसूस हो, चक्कर आ रहा हो या फिर बेहोशी जैसा लगे तो तुरंत व्रत पूर्ण कर लें और डॉक्टर से बात करें। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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