दुनियाभर में फैली कोविड-19 महामारी की रोकथाम में कई देशों की सरकारें, चिकित्सक और वैज्ञानिक लगे हुए हैं। इस बीच कई महामारियां याद आ रही हैं, जिसे दुनिया ने अपने प्रयासों से मात दिया और दूर भगाया। 12 अप्रैल का दिन भी एक भयंकर बीमारी के खिलाफ बड़ी जीत के रूप में याद किया जाता है। जी हां, कोरोना की लाइलाज महामारी से जूझ रही दुनिया के लिए यह जान लेना उपयोगी होगा कि डॉक्टर जोनास साल्क ने साल 1955 में 12 अप्रैल को ही पोलियो से बचाव की दवा को सुरक्षित करार दिया था और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया था। एक समय यह बीमारी सारी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी और डॉ. साल्क ने इसके रोकथाम की दवा ईजाद करके मानव जाति को इस घातक बीमारी से लड़ने का हथियार दिया था। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से: