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जन्माष्टमी 2026: व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? ध्यान रखें वरना हो सकती है गैस और अपच की समस्या

Fri, 04 Sep 2026 07:58 AM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Janmashtami Fasting Rules: इस बार 4 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। ऐसे में हम आपको बताएंगे कि इस दिन रखे जाने वाले व्रत में आपको क्या खाना चाहिए और किन चीजों से दूर रहना चाहिए। 
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व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI
Janmashtami Fasting Rules:  इस बार 4 सितंबर को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के मौके पर बड़ी संख्या में लोग व्रत रखते हैं। कुछ लोग निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कई लोग फलाहार या व्रत में खाई जाने वाली चीजों का सेवन करते हैं। 

हर किसी का स्वास्थ्य एक जैसा नहीं होता, इसलिए कुछ लोगों में व्रत के दौरान लंबे समय तक खाली पेट रहने या जरूरत से ज्यादा तला-भुना खाना खाने से कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर, गैस और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या हो सकती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि व्रत के दौरान शरीर को एनर्जी और हाइड्रेशन देने के लिए क्या खाना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए। 
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व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI

जन्माष्टमी व्रत में क्या खाएं?
  • फल: केला, सेब, पपीता, अनार और संतरा जैसे फल खा सकते हैं।
  • दूध और दही: दूध, दही या छाछ का सेवन किया जा सकता है।
  • नारियल पानी: शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए नारियल पानी लिया जा सकता है।
  • ड्राई फ्रूट्स: बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश सीमित मात्रा में खा सकते हैं।
  • साबूदाना: साबूदाना खिचड़ी या साबूदाना की अन्य व्रत वाली डिश खाई जाती है।
  • कुट्टू और सिंघाड़े का आटा: इनसे बना पराठा और चीला व्रत में खाए जाते हैं।
  • मखाना: मखाने को हल्का भूनकर या दूध के साथ लिया जा सकता है।
  • आलू और शकरकंद: व्रत के दौरान इन्हें सीमित मात्रा में खाया जा सकता है।

 
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व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI
व्रत में किन फलाहारी चीजों से बचें?
  • साबूदाना वड़ा और साबूदाना पापड़ : इन्हें आमतौर पर ज्यादा तेल में तला जाता है, जिससे कैलोरी और वसा की मात्रा बढ़ जाती है।
  • कुट्टू या सिंघाड़े की तली हुई पूरी: व्रत में ज्यादा तेल में बनी पूरियां पेट भारी कर सकती हैं और अपच की समस्या पैदा कर सकती हैं।
  • आलू के चिप्स और तले हुए आलू: इनमें तेल और नमक की मात्रा अधिक हो सकती है।
  • व्रत वाली नमकीन: बाजार में मिलने वाली कई व्रत की नमकीन में नमक, तेल और कैलोरी अधिक होती है।
  • बहुत ज्यादा मूंगफली और काजू: इनमें अच्छे वसा और पोषक तत्व होते हैं, लेकिन अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी काफी बढ़ सकती है।
  • अधिक चीनी वाली मिठाइयां: व्रत के दौरान ज्यादा मिठाई, हलवा या मीठे पेय लेने से रक्त शर्करा तेजी से बढ़ सकती है।
  • बहुत ज्यादा सेंधा नमक: सेंधा नमक व्रत में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे अधिक मात्रा में लेना सही है।
  • बाजार के पैकेज्ड व्रत खाद्य पदार्थ: इनमें अतिरिक्त नमक, चीनी, तेल और अन्य सामग्री हो सकती है।

 

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व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI
 व्रत में सेहत का रखें ध्यान

व्रत के दौरान शरीर को लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रखने से कुछ लोगों को कमजोरी, चक्कर या सिरदर्द की समस्या हो सकती है। इसलिए अपनी सेहत और व्रत की पद्धति के अनुसार खानपान का चुनाव करें। पानी, नारियल पानी, दूध या अन्य अनुमत तरल पदार्थों से शरीर को हाइड्रेट रखने की कोशिश करें। अगर आप निर्जला व्रत रख रहे हैं, तो अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और किसी बीमारी या नियमित दवा का सेवन करने वाले लोगों को व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।


 
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व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं? - फोटो : AI
व्रत खोलते समय भी रखें ध्यान

व्रत खोलते समय भी सावधानी जरूरी है। लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद अचानक बहुत ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने से पेट संबंधी परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले हल्का भोजन लें और धीरे-धीरे सामान्य डाइट पर आएं।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें
 
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