लॉकडाउन के दौरान सामाजिक अलगाव और दिनभर कोरोना की खबरें देख-सुनकर सभी चिंतित हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में घबराहट का असर बड़ों पर ही नहीं बल्कि बच्चों पर भी पड़ रहा है। भले ही आपको न बता पाएं लेकिन वे भी भावनात्मक और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, जिसका असर उनके व्यवहार में बदलाव के रूप में नजर आ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों से इस बारे में बात करें। उन्हें बताएं कि वे और उनका परिवार पूरी तरह सुरक्षित है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान उनका एक रूटीन जरूर बनाएं ताकि वे व्यस्त और सकारात्मक रहें। आइए, जानते हैं क्या हैं तनाव के लक्षण और समाधान।