Is RO Water Safe For Health: हर घर की रसोई में आजकल RO वॉटर प्यूरीफायर आम हो गया है। साफ और मीठा पानी पीने की चाहत में लोग सीधे नल के पानी की जगह RO के पानी को ही सबसे सुरक्षित मानते हैं। कंपनियां भी इसे 100% शुद्ध और बीमारियों से बचाने वाला बताकर बेचती हैं, लेकिन क्या वाकई RO का पानी आपकी सेहत के लिए पूरी तरह फायदेमंद है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि RO तकनीक पानी से गंदगी और बैक्टीरिया के साथ-साथ शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स भी निकाल देती है, जिससे लंबे समय में इसका असर हड्डियों और इम्यूनिटी पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं RO का पानी कितना सेफ है और इसे पीते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
विज्ञापन
2 of 6
RO का पानी पीना सेहत के लिए कितना सेफ?
- फोटो : AI
कब फायदेमंद है RO और कब नुकसानदायक?
RO की तकनीक पानी में मौजूद TDS, हैवी मेटल, आर्सेनिक, फ्लोराइड और बैक्टीरिया को हटाने के लिए बेस्ट मानी जाती है। अगर आपके घर में आने वाले पानी का TDS 500 से ज्यादा है, तो RO लगाना जरूरी है। लेकिन अगर TDS 150 से 250 के बीच है, तो RO उस पानी को जरूरत से ज्यादा साफ कर देता है। इससे पानी से कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं, जो हमारी हड्डियों, दिल और पाचन के लिए जरूरी होते हैं। आइए जानते हैं, ऐसे पानी से क्या नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
3 of 6
RO का पानी पीना सेहत के लिए कितना सेफ?
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
1. हड्डियों और दिल पर सीधा असर
RO पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स लगभग खत्म हो जाते हैं। हमारी हड्डियों की मजबूती और दिल की धड़कन को नॉर्मल रखने के लिए यही दो मिनरल्स सबसे जरूरी हैं। लगातार डिमिनरलाइज्ड पानी पीने से शरीर में इनकी कमी हो जाती है, जिससे जोड़ों में दर्द, मसल्स क्रैम्प और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है।
4 of 6
RO का पानी पीना सेहत के लिए कितना सेफ?
- फोटो : Freepik.com
2. पाचन और इम्यूनिटी होती है कमजोर
पेट के अच्छे बैक्टीरिया और एसिड को बैलेंस करने में मिनरल्स का बड़ा रोल होता है। जब आप मिनरल-रहित पानी पीते हैं, तो शरीर एसिडिटी को संभाल नहीं पाता, जिससे गैस, एसिडिटी और थकान महसूस होती है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका असर जल्दी दिखता है।
विज्ञापन
5 of 6
RO का पानी पीना सेहत के लिए कितना सेफ?
- फोटो : AI
3. बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए ज्यादा रिस्क
बच्चों के शारीरिक विकास और गर्भवती महिलाओं के लिए कैल्शियम-मैग्नीशियम बेहद जरूरी है। इस समय अगर सिर्फ गलत टीडीएस वाला RO का पानी पिया जाए तो पोषण की कमी हो सकती है।
RO का पानी पीना सेहत के लिए कितना सेफ?
- फोटो : AI
TDS को 150-250 के बीच रखें, 80 से नीचे कभी न रखें।
अगर आपके पानी TDS पहले से ही 300 से कम है, और 80 से ज्यादा है तो RO की जगह UV+UF प्यूरीफायर लें।
दिन में एक-दो बार मटके या तांबे के बर्तन का पानी भी पिएं, ताकि नेचुरल मिनरल्स मिलते रहें।
हमेशा याद रखें पानी सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि शरीर को मिनरल्स देने का सबसे बड़ा सोर्स है। उसे जरूरत से ज्यादा शुद्ध करके बेस्वाद और पोषण-रहित न बनाएं।
----------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।