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Health Tips: क्या अमरूद खाने से भी बढ़ता है शरीर में हीमोग्लोबिन? एनीमिया के मरीज जरूर जान लें ये बातें

Sat, 13 Jun 2026 07:37 PM IST
Abhilash Srivastava प्रभा किरण, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमरूद में संतरे और नींबू जैसे खट्टे फलों की तुलना में कई गुना अधिक विटामिन-सी पाया जाता है। विटामिन-सी वाली चीजें आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करती हैं।
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अमरूद खाने से क्या होता है? - फोटो : Amarujala.com/AI
पोषक तत्वों से भरपूर अमरूद का जूस न सिर्फ इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है, बल्कि आयरन के अवशोषण  को बेहतर कर हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी मददगार है।

शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर हर वक्त थकान, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याएं घेर लेती हैं। ऐसे में लोग अक्सर आयरन से भरपूर चीजों की तलाश करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर में मौजूद अमरूद का जूस भी हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारने में एक 'सुपर-बूस्टर' का काम कर सकता है?

आहर विशेषज्ञ बताते हैं कि अमरूद के जूस में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी होता है, जो शरीर को भोजन में मौजूद आयरन को सोखने और उसका सही उपयोग करने में मदद करता है। आइए जानते हैं यह पूरी प्रक्रिया कैसे काम करती है?
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खून की कमी कैसे दूर करें? - फोटो : Freepik.com
 हीमोग्लोबिन क्या है और इसकी कमी से क्या होता है?

हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं  में पाया जाने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण प्रोटीन है। इसका मुख्य काम फेफड़ों से शरीर के बाकी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाना है।
 
  • जब शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा तय मानक से कम हो जाती है, तो व्यक्ति एनीमिया (खून की कमी) का शिकार हो जाता है।
  • महिलाओं, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों में एनीमिया की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है।
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अमरूद खाना बहुत फायदेमंद - फोटो : Freepik.com
 पोषक तत्वों का पावरहाउस है अमरूद

अमरूद को केवल एक साधारण फल समझना भूल होगी; यह विटामिन-सी, फाइबर, पोटैशियम, फोलेट और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार है।
  • अमरूद में संतरे और नींबू जैसे खट्टे फलों की तुलना में कई गुना अधिक विटामिन-सी पाया जाता है। यही विटामिन-सी शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी तत्व है। इसीलिए एक्सपर्ट्स हमेशा आयरन रिच फूड के साथ विटामिन-सी लेने की सलाह देते हैं।


हीमोग्लोबिन बढ़ाने में कैसे मदद करता है अमरूद का जूस?

यह समझना जरूरी है कि अमरूद का जूस खुद आयरन का बहुत बड़ा स्रोत नहीं है। लेकिन इसका असली जादू इसके विटामिन-सी में छिपा है
 
  • जब आप हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, काला चना, राजमा या अन्य आयरन युक्त चीजें खाते हैं, तो हमारा शरीर उस आयरन को पूरी तरह सोख नहीं पाता।
  • अगर आप इन चीजों के साथ या इनके ठीक बाद एक गिलास अमरूद का ताजा जूस पीते हैं, तो इसमें मौजूद विटामिन-सी भोजन के आयरन को शरीर में आसानी से एब्जॉर्ब (अवशोषित) करवा देता है। इससे हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से सुधरता है।

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पोषक तत्वों से भरपूर होता है अमरूद - फोटो : Adobe stock
सिर्फ हीमोग्लोबिन ही नहीं, इसके और भी हैं कई फायदे 
 
  •  अमरूद में मौजूद फाइबर डाइजेशन को दुरुस्त रखता है और कब्ज  की समस्या को जड़ से खत्म करता है।
  • भारी मात्रा में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण यह मौसमी इंफेक्शंस, सर्दी-खांसी से शरीर की रक्षा करता है।
  • इसके एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री-रेडिकल्स से लड़ते हैं, जिससे चेहरे पर असमय झुर्रियां नहीं आतीं और त्वचा चमकदार बनी रहती है।
  • पोटैशियम और फाइबर से भरपूर होने के कारण यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है और दिल को सुरक्षित बनाता है।
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पैक्ड जूस है नुकसानदायक (सांकेतिक) - फोटो : Freepik.com
अमरूद का जूस पीते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

बाजार में मिलने वाले डिब्बाबंद जूस में भारी मात्रा में प्रिजर्वेटिव्स और अतिरिक्त चीनी होती है। इसलिए हमेशा घर पर ही ताजा जूस बनाकर पिएं। यदि आपको मधुमेह है, तो जूस पीने के बजाय पूरा अमरूद चबाकर खाना ज्यादा फायदेमंद है। अमरूद का फाइबर ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने नहीं देता और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।

 केवल अमरूद का जूस पीने से हीमोग्लोबिन नहीं बढ़ेगा। इसके साथ अपनी डाइट में आयरन से भरपूर चीजें जैसे- पालक, बीन्स, गुड़, खजूर, चना और सूखे मेवे  जरूर शामिल करें। यदि आपका हीमोग्लोबिन लेवल बहुत ज्यादा कम है या आप गंभीर एनीमिया से पीड़ित हैं, तो घरेलू उपायों के भरोसे रहने के बजाय डॉक्टर से संपर्क कर उचित डॉक्टरी जांच और सप्लीमेंट्स लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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