दुनियाभर में कोरोना संक्रमण को अब लगभग डेढ़ साल से ज्यादा का समय बीत चुका है। वायरस के म्यूटेशन के साथ आई दूसरी लहर का कई देशों पर गंभीर असर देखने को मिला। भारत के संदर्भ में बात करें कोरोना की दूसरी लहर अब लगभग धीमी पड़ चुकी है। कई रिपोर्टस में दावा किया जाता रहा है कि जून-जुलाई के महीने में जब देश में तापमान काफी अधिक हो जाता है तब इस वायरस का असर कम हो सकता है। इस संबंध में लोगों के अपने-अपने मत हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर में एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के हवाले से वायरस को लेकर एक बड़ा दावा किया जा रहा है।
आइए इस लेख में हम फैक्ट चेक के माध्यम से सोशल मीडिया में वायरल इस दावे की सच्चाई के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।