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न्यूट्रिशन: महंगी चीजों पर न खर्च करें पैसे, इन सस्ती चीजों में भी होता है भरपूर आयरन; सुधर जाएगी सेहत

Sun, 13 Sep 2026 10:42 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आयरन शरीर के लिए जरूरी खनिज है, जो हीमोग्लोबिन बनाने और पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। इसकी कमी से एनीमिया हो सकता है। पालक, रेड मीट और मछली आयरन के अच्छे स्रोत हैं। संतुलित डाइट के जरिए शरीर की आयरन की जरूरतों को पूरी करने में मदद मिल सकती है।
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Iron Rich Foods - फोटो : AI
दुनियाभर में बढ़ती संक्रामक बीमारियों को देखते हुए प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना आज के समय में सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक शरीर के इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए स्वस्थ और पौष्टिक आहार का सेवन करना बहुत जरूरी है। सभी लोगों को अपने दैनिक आहार में ऐसी चीजों को शामिल करना चाहिए जो शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति कर सकें।

हमारी डाइट में मौजूद अलग-अलग विटामिन और मिनरल शरीर के भीतर अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाते हैं। इन्हीं में से एक है आयरन, जिसकी जरूरत शरीर को खून बनाने से लेकर कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए होती है।

शरीर में आयरन की कमी का असर सिर्फ कमजोरी या थकान के रूप में ही नहीं दिखता, बल्कि लंबे समय में इससे एनीमिया के अलावा कई अन्य गंभीर खतरे भी हो सकते हैं। आयरन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज के लिए भी जरूरी है। क्या आपकी डाइट में आयरन वाली चीजें हैं?
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डाइट में शामिल करें आयरन वाली चीजें - फोटो : Amarujala.com/AI
रोज कितनी आयरन की जरूरत होती है?

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन करीब 8.7 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है, जबकि 19 से 50 वर्ष की महिलाओं के लिए इसकी दैनिक आवश्यकता लगभग 14.8 मिलीग्राम होती है।
 
  • महिलाओं में मासिक धर्म के कारण आयरन की कमी का जोखिम अधिक हो सकता है, इसलिए इन्हें आयरन की चीजें को डाइट में शामिल करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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पालक खाने के फायदे - फोटो : Freepik.com
पालक को डाइट में शामिल करना हो सकता है फायदेमंद

हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक सबसे अच्छा विकल्प है जिसे आसानी से रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। 
 
  • करीब 100 ग्राम पालक में लगभग 2.7 मिलीग्राम आयरन पाया जाता है। इसके अलावा इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं।
  • पालक में मौजूद कैरोटेनॉयड्स शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं। 
  • हालांकि पालक में मौजूद आयरन पौधों से मिलने वाला आयरन होता है, जिसे शरीर मांस से मिलने वाले आयरन की तुलना में अलग तरह से अवशोषित करता है। इसलिए पालक के साथ विटामिन-सी वाले खाद्य पदार्थ लेना आयरन के अवशोषण के लिहाज से जरूरी होता है।

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मांसाहारी चीजों में आयरन की मात्रा - फोटो : Adobe Stock
रेड मीट और मछलियां भी खाएं

जो लोग मांसाहारी भोजन करते हैं, उनके लिए रेड मीट आयरन का अच्छा स्रोत हो सकता है। करीब 100 ग्राम रेड मीट में लगभग 2.7 मिलीग्राम आयरन पाया जा सकता है। इसमें प्रोटीन के साथ कॉपर, सेलेनियम और बी-विटामिन भी मिलते हैं। रेड मीट में मौजूद आयरन आमतौर पर आसानी से अवशोषित हो जाता है। हालांकि ज्यादा मात्रा में रेड मीट खाने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।

मछली को प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। कुछ मछलियों में आयरन भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है, जो हृदय और शरीर के लिए कई तरह से उपयोगी है। 
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चाय-कॉफी बाधित कर देते है आयरन का अवशोषण - फोटो : Freepik.com
आयरन को लेकर ये बातें भी जानिए

आयरन की जरूरत पूरी करने के लिए पालक के अलावा काला चना, राजमा, मसूर दाल, सोयाबीन, तिल और कद्दू के बीज जैसे खाद्य पदार्थ भी खाए जा सकते हैं। किशमिश और सूखी खुबानी जैसे सूखे फलों में भी आयरन पाया जाता है।
 
  • पौधों से मिलने वाले आयरन के शरीर में अवशोषण को बेहतर करने के लिए इन चीजों के साथ नींबू, आंवला, अमरूद या संतरे जैसे विटामिन-सी वाले खाद्य पदार्थ लेना फायदेमंद हो सकता है।
  • वहीं, खाने के तुरंत बाद चाय या कॉफी पीने से बचना चाहिए क्योंकि इनमें मौजूद कुछ यौगिक आयरन के अवशोषण को कम कर सकते हैं।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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