Dr Jonas Salk tested Polio Vaccine(File photo)
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पोलियो की महामारी
साइंस जर्नल 'नेचर' में छपे एक लेख के मुताबिक, "ब्लेगडैम हॉस्पिटल में हर रोज पोलियो से संक्रमित 50 लोग आ रहे थे। उनमें छह से 12 लोगों को रोज श्वसन तंत्र की नाकामी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।"
"महामारी के पहले हफ्ते में ज्यादातर जो मरीज आ रहे थे, उनमें 87 फीसदी पोलियो संक्रमण की उस अवस्था में थे जब ये वायरस संक्रमित व्यक्ति के दिमाग पर हमला कर रहा था या फिर उस नर्व (तंत्रिका) पर जिससे शरीर सांसों पर नियंत्रण रखता है। इन मरीजों में आधे से ज्यादा बच्चे थे।"
लेकिन एक डॉक्टर ने इस समस्या का हल निकाल दिया और आधुनिक मेडिकल साइंस के इंतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय लिख दिया। डैनिश डॉक्टर बजॉर्न आजे इब्सेन वैसे तो पेशे से अनीस्थीसिया विशेषज्ञ थे और उन्होंने अपने करियर का लंबा समय अमरीका के बोस्टन में गुजारा था। अपने देश के स्वास्थ्य संकट को देखते हुए इसका हल निकाला और हजारों लोगों की जिंदगियां बचा लीं।