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सावधानी जरूरी: हर सर्दी-जुकाम इन्फ्लूएंजा संक्रमण नहीं, ये निमोनिया-आरएसवी का भी हो सकता है संकेत, रहें अलर्ट

Mon, 10 Oct 2022 05:21 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
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सर्दी-जुकाम के लक्षणों पर ध्यान दें - फोटो : istock
मौसम बदलने के साथ सर्दी-जुकाम और बुखार होने की समस्या को काफी सामान्य माना जाता है। इन्फ्लूएंजा (वायरल फीवर) की यह समस्या लगभग हर उम्र के लोगों को परेशान करती है जिसमें गले में खराश, नाक बहने, खांसी, थकान और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आमतौर पर इस तरह की दिक्कतें कुछ दिनों में ठीक भी हो जाती हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर बार सर्दी-जुकाम होने को वायरल फीवर मानकर चलना आपके लिए मुसीबतों को बढ़ाने वाला कारक हो सकती है। कोविड-19 के साथ कई अन्य बीमारियों में भी इसी तरह से फ्लू जैसे लक्षण देखे जाते रहे हैं, इसे सामान्य वायरल संक्रमण मानकर नजरअंदाज कर देना भारी पड़ सकता है।

डॉक्टर्स कहते हैं, सभी लोगों के लिए आवश्यक है कि वायरल फीवर से मिलती-जुलती बीमारियों और उनके लक्षणों के बारे में जानते हुए अंतर करें। इससे रोग की सही स्थिति का निदान किया जा सकता है। नोमिनिया जैसी समस्याओं में भी शुरुआत में फ्लू जैसे लक्षण देखे जाते हैं, अगर समय रहते इसपर ध्यान दे दिया जाए तो स्थिति को गभीर रूप लेने से बचाया जा सकता है।

आइए जानते हैं कि किन बीमारियों में सर्दी-जुकाम जैसी समस्या हो सकती है जिसके बारे में सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। कोविड-19 संक्रमण के दौरान भी इसी तरह के लक्षण परेशान करते रहे हैं।
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वायरल संक्रमण के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : istock
वायरस संक्रमण और अन्य बीमारियों के लक्षण और अंतर

मौसम बदलने के साथ होने वाले वायरल फीवर की समस्या 3-4 दिनों में ठीक हो जाती है। हालांकि कोविड-19 जैसे अन्य इससे मिलते-जुलते संक्रमण ने लोगों के मन में कई प्रकार का डर पैदा कर दिया है। डॉक्टर्स कहते हैं, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में मौसम बदलने के साथ संक्रमण होने का खतरा रहता है। कोविड-19, निमोनिया और आरएसवी वायरस से संक्रमण के कारण भी शुरुआत में लोगों में सामान्य वायरल फीवर की तरह की समस्या हो सकती है जिसके बारे में सभी लोगों को जानना आवश्यक है।
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कोरोना संक्रमण के लक्षणों के बारे में जानिए - फोटो : iStock
कोविड-19 में सर्दी-जुकाम के लक्षण

वायरल फीवर की तरह से कोविड-19 में भी लोगों में सर्दी-जुकाम की समस्या देखी जाती रही है। डॉक्टर्स कहते हैं, वायरल फीवर में गंभीर रोग विकसित होने का खतरा नहीं होता है जबकि कोविड-19 के कारण यह जोखिम काफी बढ़ जाता है। कोविड-19 के कारण फेफड़ों और सांस से संबंधित गंभीर समस्याएं देखी जाती रही हैं जबकि सामान्य वायरल फीवर में इस तरह का जोखिम नहीं होता है। इसके विशिष्ट लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देना आवश्यक है।

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बच्चों में निमोनिया की समस्या के लक्षण - फोटो : istock
निमोनिया की समस्या और लक्षण

डॉक्टर्स कहते हैं निमोनिया की बीमारी बच्चों में काफी सामान्य देखी जाती है, यह वयस्कों को भी प्रभावित कर सकती है। निमोनिया के कुछ शुरुआती लक्षण भी सामान्य इंफ्लूयंजा की तरह के हो सकते हैं। फ्लू की तुलना में निमोनिया अधिक गंभीर समस्या है। संक्रमण की स्थिति में एक या दोनों फेफड़ों में हवा की थैली में इंफ्लामेशन के कारण निमोनिया हो सकता है। फेफड़ों का यह संक्रमण खांसी, बुखार, ठंड लगने, थकान और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। समय रहते स्थिति का निदान और इलाज किया जाना बहुत आवश्यक माना जाता है।
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आरएसवी संक्रमण और उसके लक्षण - फोटो : iStock
आरएसवी की समस्या

रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (आरएसवी) के लक्षण भी फ्लू के जैसे होते हैं जिनको लेकर लोगों में भ्रम देखा जाता रहा है। यह एक सामान्य श्वसन वायरस है जो आमतौर पर हल्के, सर्दी जैसे लक्षणों का कारण बनता है, इसके अधिकांश मामले एक या दो सप्ताह में ठीक हो जाते हैं। हालांकि यह शिशुओं और वृद्ध लोगों में गंभीर रूप भी ले सकती है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार, नाक बहना, भूख में कमी, खांसी, छींक, बुखार और घरघराहट जैसे लक्षण आरएसवी की समस्या के संकेत हैं जिन्हें लेकर लोगों को सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता होती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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