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Indigestion: क्या आप अपच या बदहजमी की समस्या से परेशान हैं? जान लें इससे बचाव के आसान उपाय

Sun, 18 Jan 2026 05:08 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Digestive Problems Relief: पेट में समस्या होना एक बेहद आम बात है, जिससे लगभग सभी लोग कभी न कभी जरूर दो-चार होते हैं। मगर ध्यान देने वाली बात यह है अगर इसे हर बार नजरअंदाज कर रहे हैं तो ये गंभीर हो सकता है। इसलिए आइए इस लेख में इससे बचाव के कुछ उपाय जानते हैं।
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पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com
Indigestion Home Remedies: आज की आधुनिक जीवनशैली में अनियमित खान-पान और तनावपूर्ण दिनचर्या ने 'अपच' या 'बदहजमी' को एक आम घरेलू समस्या बना दिया है। चिकित्सकीय भाषा में इसे 'डिस्पेप्सिया' कहा जाता है, जो कोई बीमारी नहीं बल्कि पाचन तंत्र में गड़बड़ी का एक लक्षण है। अक्सर हम स्वाद के चक्कर में जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं या फिर बहुत जल्दी-जल्दी भोजन निगलते हैं, जिससे हमारे पेट को भोजन पचाने के लिए आवश्यक एसिड और एंजाइम्स बनाने में कठिनाई होती है। 

इसी वजह से सीने में जलन, पेट फूलना, खट्टी डकारें आना और पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन महसूस होने लगता है। अगर इस समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो यह गैस्ट्र्रिटिस या पेप्टिक अल्सर जैसी गंभीर स्थितियों का रूप ले सकती है। अपच केवल शारीरिक कष्ट नहीं देती, बल्कि यह आपकी कार्यक्षमता और मानसिक शांति को भी प्रभावित करती है। इसलिए आइए इस लेख में इससे बचाव के कुछ उपाय के बारे में जानते हैं।
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पेट की समस्या - फोटो : Adobe Stock
खाने के तरीके और समय में बदलाव
अपच से बचने का सबसे अच्छा और सरल तरीका है 'अच्छी तरह चबाकर खाना'। जब हम भोजन को मुंह में ही तरल बना देते हैं, तो लार में मौजूद एंजाइम्स पाचन प्रक्रिया को आधा वहीं पूरा कर देते हैं। इसके अलावा, रात का खाना सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाएं। देर रात भारी भोजन करने से लेटने पर पेट का एसिड फूड पाइप में वापस आ सकता है, जिससे 'हार्टबर्न' की समस्या बढ़ जाती है।

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पेट की समस्या - फोटो : Freepik.com
इन खाद्य पदार्थों से बनाएं उचित दूरी
मसालेदार भोजन, अत्यधिक तला-भुना खाना और कैफीन युक्त पेय पदार्थ अपच के सबसे बड़े ट्रिगर माने जाते हैं। ये चीजें पेट की परत में जलन पैदा करती हैं और एसिड के उत्पादन को अनियंत्रित कर देती हैं। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स या कोल्ड ड्रिंक्स पेट में गैस के बुलबुले पैदा करते हैं, जिससे पेट फूलने लगता है। इनकी जगह छाछ, नारियल पानी या अदरक वाली चाय का सेवन करना पाचन के लिए कहीं अधिक फायदेमंद होता है।

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सेडेंटरी लाइफस्टाइल की वजह से होती है पाचन की समस्या - फोटो : Adobe Stock
सक्रिय जीवनशैली बहुत जरूरी
पाचन का सीधा संबंध हमारे नर्वस सिस्टम से होता है। अत्यधिक तनाव लेने से शरीर की 'फाइट या फ्लाइट' प्रतिक्रिया सक्रिय हो जाती है, जो पाचन क्रिया को धीमा कर देती है। रोजाना 20-30 मिनट की पैदल सैर या वज्रासन जैसे योगासन भोजन के बाद करने से आंतों की गतिशीलता बढ़ती है। सक्रिय रहने से शरीर में खून संचार बेहतर होता है, जिससे पाचक अंगों को अपना काम करने में आसानी होती है।
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सांकेतिक तस्वीर (Doctor) - फोटो : freepik
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अपच की समस्या होने पर तुरंत दवाओं के बजाय घरेलू उपचार जैसे अजवाइन का पानी, काला नमक या हींग का सेवन करें। ये चीजें प्राकृतिक रूप से गैस और भारीपन को कम करती हैं। हालांकि अगर आपको मल में खून आए, वजन अचानक कम होने लगे या निगलने में कठिनाई हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ध्यान रखें अगर आपकी परेशानी लंबे समय तक बना रहे या घरेलू उपायों के बाद भी नहीं आराम हो तो डॉक्टर से परामर्श लें। संतुलित खान-पान ही आपकी सबसे बड़ी औषधि है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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