आईसीएमआर की स्टडी भी इस ओर इशारा कर रही है कि अगर लोग सख्ती के साथ क्वारंटीन, होम स्टे जैसे फॉर्मूले को अपनाएं तो इस कोरोना वायरस के अनुमानित संदिग्ध केसों में 62 फीसदी कमी आ सकती है। साथ ही पीक केसों की संख्या भी 89 फीसदी तक कम हो सकती है। लॉकडाउन ऐसी आपातकालीन व्यवस्था होती है, जिसके तहत सार्वजनिक यातायात, निजी प्रतिष्ठान, संस्थान वगैरह बंद कर दिए जाते हैं, हालांकि जरूरी सेवाओं को इससे छूट रहती है।