कैंसर, वैश्विक स्तर पर बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। भले ही आधुनिक चिकित्सा पद्धति के चलते कैंसर का इलाज अब आसान हो गया है हालांकि अब भी इसका मृत्युदर बड़ा जोखिम है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र और लिंग के लोगों को कैंसर हो सकता है। लाइफस्टाइल के साथ कई प्रकार की पर्यावरणीय समस्याओं के कारण इस रोग का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने 40-50 की आयु वालों में तेजी से कैंसर के बढ़ते जोखिमों को लेकर अलर्ट किया है।
कैंसर के खतरों को जानने के लिए किए गए अध्ययन की एक रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है कि 50 वर्ष से कम आयु के लोगों में कैंसर का निदान होने की आशंका अधिक होती जा रही है। 2010 से 2019 तक इस आयु वालों में कैंसर के निदान की दर बढ़ती हुई रिपोर्ट की गई है। नौ वर्षों के दौरान प्रति एक लाख लोगों पर यह दर 100 से बढ़कर 103 हो गई है, जो संकेत देती है कि युवाओं में इस जानलेवा रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।