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सलाह: दिमाग को रखना है दुरुस्त तो कीजिए ये आठ काम, बढ़ेगी याददाश्त और अल्जाइमर का खतरा होगा कम

स्वाति शैवाल
Updated Fri, 17 Sep 2021 09:55 AM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर 1 of 9
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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खाली दिमाग शैतान का घर। ये कहने को तो एक घिसीपिटी कहावत है। लेकिन इसका अर्थ बहुत गहरा है। खाली दिमाग से मतलब है ऐसा दिमाग जो सही अवस्था में भी अपनी ऊर्जा और क्षमता का पूरा उपयोग न कर पा रहा हो। जिस दिमाग में फिजूल विचार, नकारात्मकता, स्ट्रेस आदि जैसी चीजें भरी पड़ी हैं। ऐसे दिमाग में कई सारी उलझनें पैदा हो सकती हैं। शोध इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि दिमाग को अगर सही समय पर, सही देखभाल दी जाए तो बढ़ती उम्र में भी याददाश्त में कमी, अल्जाइमर्स, आदि जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। साथ ही इससे किसी काम पर फोकस करने, कॉन्संट्रेशन को बनाए रखने और निर्णय लेने की क्षमता पर भी बहुत अच्छा असर पड़ता है। असल में ये सब निर्भर इस बात पर करता है कि आप दिमाग को कितनी और कैसी खुराक देते हैं और ये खुराक पौष्टिक भोजन के अलावा अन्य चीजों की भी हो सकती है। तो जानिए कैसे रख सकते हैं आप दिमाग को दुरुस्त? 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
नई भाषा सीखिए 
  • जी हां। भाषा सीखने या जानने की प्रक्रिया दिमाग को तेज बनाने में मदद करती है। वे लोग जो एक से ज्यादा भाषाएं बोल-सुन-पढ़ और लिख पाते हैं, उनके दिमाग की सेहत पर इसका बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे न केवल याददाश्त तेज होती है बल्कि दिमाग की कार्यक्षमता भी बढ़ती है। अगर बचपन से एक से ज्यादा भाषाएं बच्चे के जीवन का हिस्सा हों तो बहुत ही अच्छा, अन्यथा किसी भी उम्र में नई भाषा सीखकर दिमाग को फायदा पहुंचाया जा सकता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बच्चों के खेल या पजल्स 
  • ये आप अक्सर पाएंगे कि वे लोग जो बच्चों के साथ खेलते हैं या क्वालिटी टाइम बिताते हैं, ज्यादातर वे मुश्किल आने पर शांति से तुरंत निर्णय ले पाते हैं। उनका दिमाग कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य से काम करना जानता है। इतना ही नहीं, वे उमंग और उत्साह से भरे रहते हैं, जिससे अवसाद, निराशा, चिढ़ जैसी चीजें उनको ज्यादा परेशान नहीं कर पातीं। इसी तरह सुडोकू, पहेलियां आदि ऐसी कसरतें हैं, जो दिमाग को उसकी क्षमता का पूरा उपयोग करने में मदद करती हैं। जो लोग नियमित रूप से वर्ग पहेली, सुडोकू जैसे खेल खेलते हैं उनके दिमाग तेज काम करते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
  • दफ्तर से घर और घर से दफ्तर आते-जाते समय कभी आपने अपने रोजमर्रा के एक ही रास्ते में बदलाव करके देखा है? अगर नहीं तो अब कीजिए। विशेषज्ञ मानते हैं कि दिमाग को चैलेंज देते रहने से उसकी कार्यक्षमता में पैनापन आता है। यदि आप एक ही रास्ते से घर आते जाते हैं तो कोशिश करें कि हफ्ते 15 दिन में उस जगह किसी दूसरे रास्ते से जाएं। यदि रास्ता न बदल सकें तो भी वाहन बदलें। जैसे रोज अगर  बस से जाते हैं तो किसी दिन बाइक, साइकल या रिक्शा से जाएं। इससे दिमाग की एकरसता टूटती है और वह नई ऊर्जा के साथ काम कर पाता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
संगीत का डोज
  • शोध यह साबित कर चुके हैं कि संगीत एक ऐसी गतिविधि है, जिसमें लगभग पूरा दिमाग शामिल होता है। ऐसा हर एक्टिविटी में नहीं होता। इसलिए संगीत सुनें, सीखें या गुनगुनाएं। यह एकाग्रचित्त होने, दिमाग की उलझनों को शांत करने और उसकी रचनात्मकता को बढ़ाने में मदद करेगा। इसी तरह कोई भी अन्य रचनात्मक गतिविधि जैसे पेंटिंग, सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, बागवानी आदि भी दिमाग की सेहत को दुरुस्त रखने में आपकी मदद कर सकती है।

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खुलकर नाचना जरूरी है 
  • कभी किसी शादी में बारात के आगे नाचते लोगों को आपने देखा है या आप खुद ऐसे नाचे हैं? उस समय का नाच आप खुशी को दर्शाने के लिए कर रहे होते हैं। मन से खुलकर नाचने की यह प्रक्रिया, शरीर को फिट रखने का काम तो करती ही है, साथ ही इससे दिमाग को भी ऊर्जा मिलती है। इतना ही नहीं, अगर आप किसी प्रकार का डांस सीखते हैं तो आपके दिमाग की प्रोसेंसिंग स्पीड तेज होती है और याददाश्त अच्छी होती है। दुनियाभर में कई जगह अल्जाइमर्स जैसी स्थितियों के रोगियों के लिए हल्की-फुल्की डांस थैरपी को अपनाया और प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसके बहुत अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं। यह भी आप किसी भी उम्र में कर सकते हैं।

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किसी और को अपना हुनर सिखाएं 
  • असल में जब आप सिखा रहे होते हैं तो आपका दिमाग केवल रिवीजन ही नहीं करता, बल्कि यह आपकी याददाश्त को मजबूत बनाने, आपके फोकस को और बढ़ाने आदि में भी मदद करता है। साथ ही इससे आपको किसी भी कंसेप्ट को क्लियर करने में भी मदद मिलती है, जिससे दिमाग को बूस्ट मिलता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
  • कभी कभी गप्पें मारना, पुराने दिनों को याद करना और पुरानी तस्वीरें देखना भी दिमाग को चार्ज करने का काम करता है। ऐसी स्मृतियां आपको ऊर्जा देती हैं। साथ ही मन को खुशी भी देती हैं। इसलिए हफ्ते में कम से एक कम एक बार आप अपने परिवार के साथ समय जरूर बिताएं। चाहें तो कोई कॉमेडी मूवी देखें या बातें करें। लेकिन इस समय को आपसी शिकायतें करने का अवसर न बनाएं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
  • ताश खेलना, योग, ध्यान या मेडिटेशन करना, ये सभी गतिविधियां भी दिमाग को स्ट्रेस, एंग्जायटी, निराशा जैसी स्थितियों से दूर रखती हैं। साथ ही इससे विचार करने की क्षमता भी बढ़ती है। इसके अलावा रोज एक नया शब्द सीखना उसको लिखना और याद करना भी एक अच्छी दिमागी कसरत हो सकती है। वहीं सूंघने, टेस्ट करने, स्पर्श करने आदि जैसे चैलेंजेस के जरिये भी आप दिमाग को चुस्त और फुर्तीला बनाए रखने का काम कर सकते हैं। 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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