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बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करने के चक्कर में कहीं आप भी तो नहीं दे रहें इस समस्या को न्यौता

Sun, 07 Jul 2019 07:23 AM IST
प्रशांत राय लाइफस्टाइल डेस्क अमर उजाला
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heart problem
शरीर को हमेशा संतुलित आहार की जरुरत होती है, न कम न ज्यादा। आजकल दिल की बीमारियों से बचने के लिए कहा जाता है कि खाने में ऐसी चीजों को शामिल करें जिसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हों। गुड कोलेस्ट्रॉल लें बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करें। आज हम आपको एक ऐसे शोध के बारे में बता रहे हैं जिसे जानकर आपको हैरानी होगी। इस शोध में बताया गया है कि अगर आपके शरीर में एलडीएल की मात्रा बहुत कम है तो इससे भी आपके शरीर को खतरा हो सकता है। आइए जाने क्या है एलडीएल और इसके सेवन से क्या असर पड़ता है।
 
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heart
क्या है एलडीएल?
एलडीएल यानि कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन इसी को बैड कोलेस्ट्रॉल के नाम से ज्यादा जाना जाता है। रक्त में वसा के प्रोटीन काम्प्लेक्स को लिपोप्रोटीन कहते हैं। कोलेस्ट्रॉल की खासियत होती है कि ये शरीर में घुलता नहीं है और धमनियों की दीवारों पर जमा होना शुरु हो जाता है। इऩके जमने के कारण ही ह्रदयाघात का खतरा होता है।
 
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Heart Treatment
एलडीएल के इहीं खतरों की वजह से बहुत सारे लोग अपने खानपान में इस बात का ध्यान रखते हैं कि शरीर में इसकी कम से कम मात्रा जाएं। लेकिन ताजा शोध में ये बात सामने आयी है कि जो लोग इस बात का बहुत ज्यादा ख्याल रखते हैं। उनके शरीर को इसके अन्य नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।
 
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log into your computer with heart scan - फोटो : Fossbytes
बैड कोलेस्ट्रॉल के बिल्कुल भी सेवन न करने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने बताया कि नब्बे हजार लोगों पर किए शोध में ये बात सामने आई कि जिन लोगों में कैंसर, ह्रदयाघात या स्ट्रोक जैसी बीमारियों का कोई इतिहास नहीं था उनमें शोध के नौ साल बाद एलडीएल के कम होने से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा उन लोगों की तुलना में ज्यादा था जिनके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा थी।
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