फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोनाकाल में यदि आप भी बार-बार हो रहे हैं अवसाद का शिकार तो आजमाएं ये 5 तरीके

Thu, 03 Dec 2020 03:22 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
चिंता और डर आगे चलकर अवसाद का रूप ले लेता है - फोटो : iStock

यह वर्ष किसी के लिए भी आसान नहीं रहा है। सभी लोग कोरोना के कारण बहुत परेशान रहे हैं। जिन लोगों को खुद को कोरोना हुआ या घर के किसी सदस्य को कोरोना हुआ है, उनके लिए तो चिंता का अंबार था ही लेकिन जिन्हें कोरोना नहीं भी हुआ वे भय से इस तरह ग्रस्त हो गए कि अवसाद का शिकार हो गए। एक महीने में सभी के जीवन में कुछ दिन ऐसे आ रहे हैं जब इंसान चिढ़चिढ़ करने लगता है। यह चिंता और डर आगे चलकर अवसाद का रूप ले लेता है। इस अस्थायी अवसाद के हम सभी आदि हुए जा रहे हैं। कुछ भी अच्छा न लगना, किसी काम में मन नहीं लगना, किसी से बात न करने का दिल करना, हताशा महसूस होना आदि इस तरह के मौसमी अवसाद के आम लक्षण है। यदि यह अवसाद किसी की आदत बन जाता है तो आगे चलकर यह बहुत समस्याएं खड़ी कर सकता है। अगली स्लाइड्स से जानिए इस तरह के अवसाद से बाहर आने के कारगर तरीके।

 

 

विज्ञापन

2 of 6
नकारात्मक व्यक्ति से साझा न करें बात - फोटो : file photo

नकारात्मक लोगों से दूरी बनाएं
यदि आपको कोई बात साल रही है तो कभी भी उसे किसी नकारात्मक व्यक्ति से साझा न करें। नकारात्मक व्यक्ति उस बात को राई का पहाड़ बना देगा। फिर आप उस विषय में और भी अधिक सोचेंगे और वह आपका सिर दर्द बन जाएगी। जो लोग कोरोना से जुड़ी नकारात्मक बातें, डर और चिंता वाली बातें अधिक करते हों, उनसे दूरी बनाना बहुत जरूरी है नहीं तो आप अवसाद से बाहर नहीं निकल पाएंगे।

विज्ञापन

3 of 6
कोई प्रेरणादायी किताब पढ़ें - फोटो : pixabay

मन न हो तब भी करें
यदि आपने कोरोना के विषय में या भविष्य को लेकर बहुत अधिक सोच लिया है तब तो आप अवसाद की रेखा पर पहुंच ही गए हैं। ऐसे में यदि आप मनोध्यान को भटकाने का प्रयत्न करेंगे, तब भी कुछ नहीं होगा। लेकिन कोशिश आपको करना होगी। ऐसे समय में आपको कोई प्रेरणादायी किताब पढ़ना या लयबद्ध संगीत सुनना चाहिए। शुरू में ये थोड़ा मुश्किल होगा लेकिन कुछ ही देर में आप बेहतर महसूस करने लगेंगे।

4 of 6
लंबी गहरी सांस लें, थोड़ी देर रूकें और फिर उसे धीरे- धीरे छोड़ें

श्वसन क्रिया
सांस तो सभी ले रहे हैं लेकिन अवसाद की इस स्थिति में आपको इसका अभ्यास अलग तरह से करना होगा। आंख बंद करके शांत जगह पर बैठें, हल्का और मधुर संगीत चलाएं, अब अपनी लंबी गहरी सांस लें, थोड़ी देर रूकें और फिर उसे धीरे- धीरे छोड़ें। ऐसा 15 से 20 बार करें। थोड़ी ही देर में आप खुद अंतर देख पाएंगे। 

विज्ञापन

5 of 6
छोटे बच्चे आपको सकारात्मक ऊर्जा से भर देंगे - फोटो : Pixabay

छोटे बच्चों के साथ खेलें
यदि आपके आस-पास कोई छोटे बच्चे हैं तो अवसाद की इस स्थिति में उनके पास जरूर जाएं। उनके साथ थोड़ी देर खेलने, उनसे बात करने या सिर्फ उन्हें थोड़ी देर के लिए देखनेभर से आपका चित्त शांत हो जाएगा और सिर का भारीपन भी ठीक होने लगेगा। छोटे बच्चे आपको सकारात्मक ऊर्जा से भर देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
बिल्कुल भी खाली न बैठें - फोटो : pixabay
व्यस्त रहें
जब भी ऐसा लग रहा है कि मन कुछ ठीक नहीं है और वजह भी पता नहीं है तो बिल्कुल भी खाली न बैठें क्योंकि यदि आप खाली बैठे तो दिमाग बहुत सारी अप्रासंगिक बातें सोचने लगेगा। लेकिन यदि आप व्यस्त रहते हैं तो दिमाग को अपनी सारी ऊर्जा उस काम पर केंद्रित करना होगी। ऐसे में विचारों के पहाड़ आपके दिमाग में नहीं बनेंगे और आपकी मानसिक सेहत स्थिर रहेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें