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Typhoid Fever: बुखार के साथ दिख रहें हैं ये लक्षण तो हो सकता है टाइफाइड का खतरा, बरतें ये सावधानीं

Mon, 07 Jul 2025 07:03 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

टाइफाइड बुखार, साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया से होने वाला गंभीर संक्रमण है, जो दूषित भोजन या पानी से फैलता है। मानसून में इसका खतरा बढ़ता है। लक्षणों को समय पर पहचानकर और स्वच्छता अपनाकर इस जानलेवा बीमारी से बचा जा सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं।
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बुखार - फोटो : Adobe Stock
Typhoid Fever Symptoms: टाइफाइड बुखार एक बेहद गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है जो साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया से फैलता है। यह सिर्फ एक बुखार नहीं, बल्कि एक ऐसी बीमारी है जिसका अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो जानलेवा साबित हो सकती है। टाइफाइड आमतौर पर दूषित भोजन या पानी की वजह से फैलता है, और मानसून के मौसम में इसका खतरा और भी बढ़ जाता है, क्योंकि इस दौरान नमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं।

टाइफाइड के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं, अक्सर शुरुआती दिनों में पहचानना मुश्किल होता है। यह रोग कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को आसानी से अपनी चपेट में ले लेता है। ऐसे में इस बीमारी के बारे में सही जानकारी रखना और समय पर इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है। आइए इस गंभीर बीमारी के लक्षणों और इसके सावधानियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

 

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टाइफाइड - फोटो : Adobe Stock
टाइफाइड के प्रमुख लक्षण
टाइफाइड के लक्षण बैक्टीरिया के संपर्क में आने के 6-30 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं। शुरुआत में हल्का बुखार होता है, जो धीरे-धीरे 100-104°F तक बढ़ सकता है, खासकर रात में ये बुखार और तेज हो जाता है। अन्य लक्षणों में कमजोरी, थकान, शरीर में दर्द, भूख न लगना, जी मचलाना, उल्टी, पेट दर्द, कब्ज या दस्त शामिल हैं। कुछ मामलों में, पेट और छाती पर गुलाबी धब्बे (रोज स्पॉट्स) दिखाई देते हैं। यदि किसी को ये लक्षण दिखें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

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टाइफाइड - फोटो : Adobe Stock
टाइफाइड का खतरा
टाइफाइड का मुख्य कारण दूषित पानी, कच्चा या अधपका भोजन और अस्वच्छ परिस्थितियां हैं। मानसून में नमी और गंदगी की वजह से बैक्टीरिया के प्रसार तेजी से होता है। ऐसे में सड़क किनारे का खाना, बिना धुले फल-सब्जियां, या गंदा पानी पीने से यह रोग तेजी से फैलता है। अगर टाइफाइड का इलाज समय रहते न किया जाए तो गंभीर बीमारियों भी हो सकती हैं, जैसे आंतों में छेद (पेरफोरेशन) या रक्तस्राव, हो सकती हैं। जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है, उन लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए।

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बुखार - फोटो : Adobe Stock
बचाव के लिए सावधानियां
टाइफाइड से बचने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। हमेशा स्वच्छ पानी पीएं। ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन खाएं, और कच्चे फल-सब्जियों को अच्छे से धोएं। खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोएं। मानसून में कुओं और नल के पानी की शुद्धता की जांच करें और सड़क किनारे के खुले खाने से परहेज करें।
 
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डेंगू बुखार - फोटो : Freepik.com
टाइफाइड के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेकर विडाल टेस्ट या ब्लड कल्चर टेस्ट करा सकते हैं। खुद से दवा लेने से बचें और डॉक्टर की सलाह लें। पर्याप्त आराम, हल्का आहार और खूब पानी पीना रिकवरी में मदद करता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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