राजधानी दिल्ली-एनसीआर में बीते दिनों एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू का गंभीर असर देखा गया। सिर्फ दिल्ली ही नहीं दूसरे प्रदेशों जैसे मध्य-प्रदेश, उत्तर-प्रदेश, राजस्थान में भी इसके मरीजों के बढ़ने की खबरें सुर्खियों में थीं। कई स्थानों से संक्रमितों के मौत की खबरें भी सामने आईं, हालांकि अब संक्रमण का ग्राफ थोड़ा नीचे गिरता दिख रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, एच1एन1 भी इंफ्लूएंजा-ए वायरस का ही एक प्रकार है, जो समय-समय पर फैलता रहता है। वायरस अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए म्यूटेट भी होते रहते हैं, जिससे सामने आने वाले नए स्ट्रेन कुछ लोगों में संक्रमण की गंभीरता को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए सलाना दी जाने वाली इंफ्लूएंजा वैक्सीन संक्रमण के खतरे को कम करने में मददगार हो सकती है। स्वाइन फ्लू के खतरे से बचाने के लिए भी फ्लू की वैक्सीन को असरदार पाया गया है।
मौसम बदलने के साथ फ्लू संक्रमण का खतरा भी बढ़ने लग जाता है, ऐसे में लोगों के बीच एक सवाल बहुत कॉमन रहता है कि क्या इससे बचने के लिए हर साल टीके लगवाने चाहिए और अगर लगवाना है तो कौन-सा टीका सही रहेगा? आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।