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HPV Vaccine: क्यों इतनी चर्चा में है एचपीवी वैक्सीन? किस कैंसर से बचाव के लिए इसे माना जा रहा है 'रामबाण'

Wed, 07 Feb 2024 04:49 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एचपीवी वैक्सीन - फोटो : istock
वैक्सीनेशन, किसी विशेष रोग से होने वाली जटिलताओं से बचाने का सबसे प्रभावी तरीका मानी जाती है। बच्चों को कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए जन्म के बाद नियमित अंतराल पर टीकाकरण कराने की सलाह दी जाती है। कोरोना महामारी के दौरान भी व्यापक टीकाकरण अभियान के ही परिणामस्वरूप रोग पर काफी हद तक काबू पाया गया।

इन दिनों एचपीवी वैक्सीन को लेकर खूब चर्चा हो रही है और इसके टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। क्या है ये एचपीवी वैक्सीन और इससे किस प्रकार का लाभ हो सकता है? 

एचपीवी वैक्सीन, ह्यूमन पेपिलोमावायरस के कारण होने वाले संक्रमण को रोकने में मददगार है। एचपीवी टीकों को महिलाओें में होने वाले जानलेवा सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे कारगर तरीका माना जाता है। 
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महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा - फोटो : istock
सर्वाइकल कैंसर से बचाती है वैक्सीन

सर्वाइकल कैंसर, सर्विक्स में कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है। सर्विक्स गर्भाशय का निचला हिस्सा होता है जो योनि से जुड़ता है। ह्यूमन पेपिलोमावायरस के विभिन्न प्रकार, जिन्हें एचपीवी भी कहा जाता है, वे सर्वाइकल कैंसर पैदा करने वाले प्रमुख कारक हैं। एचपीवी, यौन संपर्क से फैलता है। इस प्रकार के संक्रमण और इसकी जटिलताओं को दूर करने के लिए एचपीवी वैक्सीन को कारगर पाया गया है।

सर्वाइकल कैंसर, महिलाओं में मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में से एक है। भारतीय महिलाओं में होने वाले सभी कैंसर में लगभग 6-29% मामले सर्वाइकल कैंसर के होते हैं। सीडीसी (रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र) 12 वर्ष की आयु में नियमित एचपीवी टीकाकरण का सुझाव देता है। ये टीका सिर्फ सर्वाइकल कैंसर ही नहीं, कई और गंभीर प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में भी कारगर हो सकता है।
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कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण - फोटो : Pixabay
तमाम प्रकार के कैंसर से भी मिल सकती है सुरक्षा

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सर्वाइकल कैंसर के अलावा, एचपीवी टीकाकरण से गुदा, लिंग और ऑरोफरीन्जियल कैंसर के खतरे को कम करने में भी मदद मिल सकती है। इन कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। समय पर लक्षणों की पहचान और इलाज न होने के कारण इन कैंसर का मृत्युदर अधिक देखा जाता रहा है। अगर समय पर एचपीवी टीकाकरण करा लिया जाए तो इस प्रकार के कई कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।

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कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण - फोटो : iStock
एचपीवी  के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी के लिए टीकारकण जरूरी

एचपीवी वैक्सीन, न केवल टीकाकरण करा चुके व्यक्ति की रक्षा करती है साथ ही समुदायों के भीतर वायरस के संचरण को कम करने में भी मददगार है। इस अवधारणा को हर्ड इम्युनिटी कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आबादी में किसी भी प्रकार के संक्रमण की गति को कम करने के लिए हर्ड इम्युनिटी से लाभ मिल सकता है, जिसमें अधिकतर लोग संक्रमण से सुरक्षित हों और उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो चुकी हो।
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एचपीवी टीकाकरण - फोटो : Pixabay
टीकाकरण के लिए डॉक्टर से लें सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सर्वाइकल कैंसर बड़ा जोखिम बनकर उभरता देखा जा रहा है। जब आबादी के एक बड़े हिस्से को एचपीवी के खिलाफ टीका लगता है, तो इससे उन लोगों को भी लाभ मिल सकता है जिन्हें चिकित्सा कारणों या उम्र के कारण टीका नहीं लगाया जा सकता है। यह अप्रत्यक्ष रूप से संक्रमण से सुरक्षा पाने का भी कारगर तरीका हो सकता है। एचपीवी टीकाकरण के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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