उम्र बढ़ने के साथ ब्रेन पर असर
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म्यूजिक सीखने से याददाश्त और एकाग्रता से जुड़े हिस्से होते हैं सक्रिय
विशेषज्ञों के अनुसार जब आप पियानो, गिटार, तबला, वायलिन या अन्य वाद्य यंत्र सीखते हैं, तब दिमाग के कई हिस्से एक साथ काम करते हैं।
- हाथों और अंगुलियों की गतिविधि के लिए मोटर कॉर्टेक्स सक्रिय होता है। स्वर और ताल पहचानने के लिए ऑडिटरी सिस्टम काम करता है।
- याददाश्त और एकाग्रता से जुड़े हिस्से लगातार सक्रिय रहते हैं।
- भावनात्मक प्रतिक्रिया और रचनात्मकता भी इसमें शामिल होती है।
- यही कारण है कि संगीत प्रशिक्षण को मानसिक लचीलापन बढ़ाने वाली गतिविधियों में शामिल किया जाता है।
बढ़ती उम्र के साथ मस्तिष्क की कोशिकाओं के बीच संचार धीमा पड़ सकता है। विशेष रूप से स्मृति, निर्णय क्षमता और ध्यान नियंत्रित करने वाले हिस्सों में बदलाव देखे जाते हैं। एमआरआई अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि उम्र के साथ ग्रे मैटर और व्हाइट मैटर दोनों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। हालांकि वैज्ञानिक स्पष्ट करते हैं कि यह प्रक्रिया हर व्यक्ति में समान नहीं होती। जीवनशैली, शिक्षा, तनाव, सामाजिक सक्रियता और शारीरिक स्वास्थ्य जैसे कई कारक इसकी गति को प्रभावित करते हैं।