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सेहत की बात: पढ़ाई और काम में नहीं लगता मन? अपनाएं ये आसान तरीके, फिर देखिए कमाल

Tue, 29 Sep 2026 12:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एकाग्रता और याददाश्त पर तनाव, खान-पान और जीवनशैली का असर पड़ सकता है। मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए बादाम, अखरोट और अन्य मेवों को डाइट में शामिल किया जा सकता है। प्राणायाम और अलसी के बीज भी संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बन सकते हैं।
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ब्रेन का फोकस कैसे बढ़ाएं - फोटो : Adobe Stock
क्या आपको भी किसी एक काम पर लंबे समय तक ध्यान बनाए रखने में कठिनाई होती है? अगर हां तो आप ऐसा महसूस करने वाले अकेले नहीं हैं, आज के समय में बड़ी संख्या में लोग इसका शिकार हैं। 
पढ़ाई करने वाले बच्चों से लेकर नौकरी और कारोबार में व्यस्त लोगों तक, अक्सर लोग बार-बार ध्यान भटकने और चीजों को याद रखने में परेशानी महसूस करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, तनाव, खराब खान-पान और बिगड़ी जीवनशैली इसका प्रमुख कारण हो सकते हैं।

जब दिमाग किसी काम पर ठीक से ध्यान नहीं लगा पाता, तो इसका असर काम की गुणवत्ता और रोजमर्रा की उत्पादकता पर भी पड़ता है। ऐसे में खान-पान और दिनचर्या में सुधार करना कुछ हद तक मददगार हो सकता हैं। कुछ खाद्य पदार्थ और योग-प्राणायाम जैसी गतिविधियां मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बेहतर रखने में सहायक मानी जाती हैं।
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ड्राई फ्रूट्स के फायदे - फोटो : Freepik.com
डाइट में शामिल करें नट्स

मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसे सूखे मेवों को शामिल किया जा सकता है। इनमें स्वस्थ वसा, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो मस्तिष्क के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होते हैं।
 
  • बादाम को याददाश्त से संबंधित फायदों के लिए जाना जाता है, जबकि अखरोट में मौजूद फैटी एसिड शरीर में सूजन से जुड़े प्रभावों को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। 
  • कुछ अध्ययनों में मूंगफली के सेवन को भी ब्रेन हेल्थ और तनाव से जुड़े बेहतर परिणामों वाला पाया गया है। हालांकि, इन्हें संतुलित मात्रा में लेना जरूरी है।
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प्राणायाम के फायदे - फोटो : Freepik.com
प्राणायाम के लिए निकालें समय

मन को शांत रखने और ध्यान केंद्रित करने के लिए प्राणायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। नियंत्रित तरीके से सांस लेने के अभ्यास तनाव और मानसिक दबाव को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिसका सकारात्मक असर एकाग्रता पर भी पड़ता है।
 
  • भ्रामरी प्राणायाम और गहरी सांस लेने वाले अभ्यास को मानसिक शांति के लिए उपयोगी माना जाता है।
  • पद्मासन जैसी ध्यानात्मक मुद्रा में बैठकर कुछ समय सांस पर ध्यान केंद्रित करना भी मन को स्थिर करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से तनाव कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
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अलसी के बीजों के फायदे - फोटो : freepik.com
अलसी के बीजों को बनाएं डाइट का हिस्सा

अलसी के छोटे-छोटे बीज पोषण से भरपूर होते हैं और इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह पोषक तत्व मस्तिष्क और शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

डाइट में अलसी को शामिल करने से शरीर को स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व मिलते हैं। मस्तिष्क के स्वास्थ्य और उसकी सामान्य कार्यक्षमता को बनाए रखने में भी संतुलित पोषण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि अलसी को भोजन में सीमित मात्रा में शामिल किया जाना चाहिए, इसकी अधिकता पाचन के लिए दिक्कतें बढ़ा सकती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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