Medically reviewed by Dr. Rajat Salunke
डॉ रजत सालुंके, आयुर्वेदाचार्य
अष्टविनायक क्लीनिक, भोपाल
डिग्री- बी.ए.एम.एस
अनुभव- 13 वर्ष
किसी भी प्रकार की गंध का महसूस न होना भी कोरोना संक्रमण का संकेत होता है। वैसे तो सामान्य जुकाम होने, बुखार आने, नाक की कोई एलर्जी होने पर भी कई बार सूंघने की क्षमता प्रभावित होती है लेकिन आजकल ऐसा होने पर लापरवाही नहीं बरतना चाहिए क्योंकि ये कोरोना वायरस के प्रमुख लक्षणों में से एक है। सूंघने की क्षमता यदि जाती है तो वो यूं ही लौटकर नहीं आ जाती, उसे वापिस आने में समय लगता है। ऐसे में इंसान को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार बढ़ती उम्र के साथ भी सूंघने की क्षमता घट सकती है और यह भी जरूरी नहीं है कि सुगंध न आना कोरोना की ही निशानी है इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपको वापिस से सुगंध आने लगे तो आपको कुछ छोटे- मोटे उपाय आजमाने होंगे। अगली स्लाइड्स से जानिए किन उपायों को आजमाने से आपकी खोई हुई सूंघने की क्षमता लौट आएगी।