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Health Tips: रोज कितनी कैलोरी जरूरी, इसकी अधिकता और कमी का सेहत पर क्या होता है असर? डायटीशियन से जानिए

Fri, 15 Aug 2025 07:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • आहार विशेषज्ञ बताते हैं, कैलोरी ऊर्जा का माप है। हमारा शरीर जो भी काम करता है सब में ऊर्जा लगती है। ये मुख्यरूप से हमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट वाली चीजों से मिलती है।
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कैलोरी इंटेक पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
Calorie Intake Per Day: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान को ठीक रखना सबसे जरूरी माना जाता है। वेट लॉस हो या डायबिटीज को कंट्रोल रखना, डॉक्टर्स कहते हैं इन सबके लिए जरूरी है कि आप ऐसे आहार का सेवन करें, जो लो कैलोरी और हाई फाइबर वाली हों। अच्छी सेहत और अच्छी फिटनेस का मूल मंत्र है आप आहार से जितनी कैलोरी ले रहे हैं, शारीरिक मेहनत से उससे अधिक कैलोरी बर्न करें।

हमारे शरीर को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, कैलोरी ही हमारे लिए ऊर्जा के रूप में काम करती है। लेकिन, अगर ये शरीर में ज्यादा जमा हो जाए और खर्च कम हो तो शरीर का वजन और बीमारियां दोनों बढ़ने लगती हैं। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की साल 2023 की रिपोर्ट कहती है कि दुनियाभर में 1 अरब से ज्यादा लोग मोटापे से जूझ रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है जो रोजमर्रा में जरूरत से ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के मुताबिक, शहरी भारत में 70% लोग जरूरत से ज्यादा कैलोरी वाली चीजें खाते हैं।
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आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
कितना होना चाहिए रोजाना कैलोरी इंटेक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हम अपनी जरूरत के मुताबिक कैलोरी लें या कैलोरी बर्न करते रहें तो इससे न सिर्फ वजन कंट्रोल रहता है, बल्कि टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और फैटी लिवर जैसी बीमारियों से भी बचाव होता है। अब सवाल है कि रोजाना हमें कितनी कैलोरी लेनी चाहिए, ज्यादा या कम कैलोरी लेने से शरीर पर क्या असर होता है?

आहार विशेषज्ञ बताते हैं, कैलोरी ऊर्जा का माप है। हमारा शरीर जो भी काम करता है सब में ऊर्जा लगती है। ये मुख्यरूप से हमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट वाली चीजों से मिलती है। इसे ऐसे समझा जा सकता है कि 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट 4 कैलोरी के बराबर होतr है। 1 ग्राम प्रोटीन से 4 कैलोरी, 1 ग्राम फैट से 9 कैलोरी प्राप्त होती है।

आईसीएमआर के मुताबिक, कैलोरी की जरूरत उम्र, लिंग, वजन, हाइट और शारीरिक लेवल पर निर्भर करती है।
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मोटापा और अधिक वजन की समस्या - फोटो : Freepik.com
आहार विशेषज्ञों के मुताबिक वयस्क पुरुष को रोज 2400-2600 कैलोरी, महिलाओं को 2100 कैलोरी और बच्चों-किशोरों को 2200-2600 कैलोरी की आवश्यकता होती है।  


अधिक कैलोरी के क्या नुकसान हैं?

अगर आप तय मात्रा से अधिक कैलोरी लेते हैं तो इसका शरीर पर कई प्रकार से नकारात्मक असर हो सकता है। कैलोरी ज्यादा लेने से वजन बढ़ने का खतरा होता है, जरूरत से ज्यादा कैलोरी शरीर में फैट के रूप में इकट्ठा होने लगती है। इसके अलावा आपको समय के साथ इंसुलिन रेजिस्टेंस भी हो सकता है, जिसे टाइप-2 डायबिटीज का कारण माना जाता है।

कैलोरी की अधिकता हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी समस्याओं के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।

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थकान-कमजोरी के कारण - फोटो : Freepik.com
लो कैलोरी भी ठीक नहीं?

कैलोरी की अधिकता तो खतरनाक है ही, साथ ही इसकी कमी का भी आपकी सेहत पर नकारात्मक असर हो सकता है। लो कैलोरी आपको कमजोर बना देती है, बहुत कम कैलोरी लेने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा पोषण की कमी से बाल झड़ने और स्किन खराब होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

लो कैलोरी के कारण महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन और पीरियड्स में अनियमित का खतरा भी काफी बढ़ जाता है।
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स्वस्थ आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
कैसे करें कैलोरी बैलेंस?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कैलोरी की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग होती है। सही मात्रा में कैलोरी लेने से शरीर फिट और स्वस्थ रहता है। इसलिए जरूरी है कि आप कैलोरी बैलेंस बनाए रखें।

इसके लिए आहार पर ध्यान दें। खाने की प्लेट में रंगीन चीजें जैसे सब्जियां, दाल, फल, अनाज शामिल करें। शुगर ड्रिंक्स से बचें और खूब पानी पीते रहें। इसके अलावा रोज कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि जरूरी है ताकि आपका शरीर अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करता रहे और ये अनावश्यक रूप से एकत्रित होकर फैट न बनने पाए।


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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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