डायबिटीज रोगियों के लिए जरूरी है अच्छी नींद
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मधुमेह के जोखिम को कर सकते हैं कम
अध्ययनों से पता चलता है कि रात में अच्छी नींद लेने वालों में डायबिटीज और इससे संबंधित समस्याओं का खतरा भी कम होता है। नींद की कमी टाइप-2 डायबिटीज और इंसुलिन प्रतिरोध के जोखिम को बढ़ा देती है, जिससे शरीर इंसुलिन हार्मोन का ठीक से उपयोग नहीं कर पाता है और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए 36 अध्ययनों के विश्लेषण में पाया गया कि 5 घंटे से कम की नींद टाइप-2 डायबिटीज के विकास के जोखिम को 48 फीसदी तक बढ़ा सकती है। मधुमेह के जोखिमों को कम करने के लिए पर्याप्त नींद लेना सुनिश्चित करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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