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Diabetes: डायबिटीज के मरीजों की आंखें क्यों होने लगती हैं खराब? समय रहते जानें कारण और रोकथाम के तरीके

Sun, 20 Jul 2025 09:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • जिन लोगों को शुगर लेवल अक्सर हाई रहता है, उनमें समय के साथ नसों, पाचन, हार्ट और आंखों से कम दिखने की दिक्कत होने लगती है। डायबिटीज की समस्या आपकी आंखों को कैसे प्रभावित करती है, इससे कारण अंधेपन का खतरा कैसे बढ़ जाता है, आइए इस बारे में जानते हैं।
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डायबिटीज में आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
Diabetic Eye Disease: डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर की समस्या दुनियाभर में तेजी से बढ़ती जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी इसका शिकार हो रहे हैं। अध्ययनकर्ता कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण डायबिटीज के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। इसके अलावा जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी को ये दिक्कत रही है, उन्हें भी खतरा अधिक हो सकता है।

डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर बढ़े रहने की बीमारी नहीं है, इसका शरीर पर कई अन्य तरह से भी असर हो सकता है। जिन लोगों को शुगर लेवल अक्सर हाई रहता है, उनमें समय के साथ नसों, पाचन, हार्ट और आंखों से कम दिखने की दिक्कत होने लगती है।

डायबिटीज की समस्या आपकी आंखों को कैसे प्रभावित करती है, इससे कारण अंधेपन का खतरा कैसे बढ़ जाता है, आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।
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डायबिटीज का आंखों पर असर - फोटो : Freepik.com
डायबिटिक आई डिजीज या डायबिटिक रेटिनोपैथी

हमारी आंखें एक कैमरे की तरह हैं, जो हमें दुनिया को देखने में मदद करती हैं। लेकिन जब शरीर में शुगर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा हुआ रहता है, तो यह स्थित आंखों की रोशनी को धीरे-धीरे धुंधला करने लग जाती है। इसे डायबिटिक आई डिजीज या डायबिटिक रेटिनोपैथी के नाम से जाना जाता है।

ये आंखों से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है, और अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो अंधापन तक हो सकता है।
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हाई शुगर का आंखों पर असर - फोटो : Freepik.com
अब सवाल ये है कि हाई शुगर की स्थिति आंखों को कैसे नुकसान पहुंचाती है?

अमर उजाला से बातचीत में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ समीर शुक्ला बताते हैं, डायबिटीज की समस्या शरीर में मौजूद रक्त वाहिकाओं (ब्लड वेसेल्स) को नुकसान पहुंचाने लगती है। आंखों में भी बेहद नाजुक रक्तवाहिकाएं होती हैं। रेटिना वाले हिस्से में मौजूद वाहिकाएं हाई शुगर के कारण प्रभावित होने लग जाती है। जिन लोगों का शुगर का लेवल अक्सर हाई रहता है, उनमें आंखों की रक्तवाहिकाओं में  लीक होने या सूजन की दिक्कत देखी जाती है।

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आंखों की समस्याएं - फोटो : Freepik.com
अध्ययनों से क्या पता चला?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, डायबिटीज के कारण होने वाला अंधापन 20-65 वर्ष की उम्र के लोगों में सबसे प्रमुख कारणों में से एक है। हर तीन में से एक डायबिटिक व्यक्ति को किसी न किसी स्तर की रेटिनोपैथी की समस्या हो सकती है।

वहीं लैंसेंट डायबिटीज और एंड्रोक्रोनोलॉजी में प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चलता है कि लगातार 10 साल से अधिक समय से डायबिटीज से ग्रसित लोगों में आंखों की जटिलता की आशंका 60% तक बढ़ जाती है।
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आंखों की देखभाल जरूरी - फोटो : Freepik.com
आंखों की इन दिक्कतों से कैसे बचें?

डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज के साथ  जिनका ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी हाई रहता है उनमें आंखों की समस्या होने का जोखिम और अधिक हो सकता है। हाई शुगर सकी समस्या के साथ अगर आपको धुंधला दिखने लगे, आंखों के सामने छोटे-छोटे धब्बे नजर आ रहे हों, रात में देखने में दिक्कत हो या फिर रंग पहचानने में परेशानी हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। 

आप पहले से ही कुछ बातों पर ध्यान देकर आंखों की इस समस्या से बचाव कर सकते हैं।
  • ब्लड शुगर कंट्रोल में रखें और हर 6-12 महीने में आंखों की जांच कराएं।
  • ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल में रखें।
  • धूम्रपान छोड़ दें, इससे आंखों की समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। 
  • रोजाना हरी सब्जियां, फल और नट्स खाएं। इसके साथ शारीरिक व्यायाम या वॉक जरूर करें।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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