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Coronavirus Symptoms: कोरोना के इन लक्षणों से करें पहचान, किन छह तरीकों से हमला करता है वायरस

Mon, 27 Jul 2020 03:53 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस के लक्षण: - फोटो : iStock/Amar Ujala
कोरोना वायरस का संक्रमण देश और दुनिया में बढ़ता ही जा रहा है। इसके संक्रमण की शुरुआत से लेकर अबतक इसके कई लक्षण सामने आ चुके हैं। शुरुआत में जहां इसके मुख्यत: चार लक्षण सामने आए थे, वहीं समय के साथ एक के बाद एक नए लक्षण इसमें जुड़ते चले गए। पिछले दिनों स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके 11 लक्षण जारी किए। दरअसल, कोरोना वायरस इंसानी शरीर पर छह तरह से हमला करता है। यही कारण है कि संक्रमित मरीजों में अलग-अलग तरह के लक्षण सामने आते हैं। कोई सर्दी-जुकाम, खांसी और सामान्य बुखार के बाद ही ठीक हो जाता है तो किसी को सांस की गंभीर समस्या में वेंटिलेटर पर रखने की नौबत आ जाती है। हाल ही में किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने कोरोना ट्रैकर एप के माध्यम से प्राप्त डाटा का विश्लेषण किया है। विश्लेषण के मुताबिक कोरोना वायरस के छह तरह से एटैक करने पर अलग लक्षणों के बारे में बताया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
1. फ्लू जैसे लक्षण लेकिन बुखार नहीं
  • इस परिस्थिति में संक्रमित मरीजों को सिरदर्द, खांसी, गले में खराश, सीने में दर्द, मांसपेशियों में तनाव और सूंघने की शक्ति कमजोर पड़ने की शिकायत होती है। हालांकि मरीज को बुखार नहीं होता। 
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
2. बुखार के साथ फ्लू जैसे लक्षण
  • इस परिस्थिति में संक्रमित मरीजों को सिरदर्द, सूंघने की शक्ति कमजोर पड़ने, खांसी, गले में खराश, गला बैठने, भूख कम होने की समस्या होती है। इसके साथ ही संक्रमित मरीजों को बुखार भी चढ़ता है।  

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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
3. पाचन तंत्र संबंधी समस्याएं
  • कोरोना संक्रमण के इस तरीके में मरीज को सिरदर्द, सूंघने की शक्ति कमजोर पड़ने, भूख घटने या खत्म होने, गले में खराश, सीने में दर्द की समस्या होती है। हालांकि उन्हें खांसी नहीं रहती। लेकिन डायरिया की शिकायत होती है। 
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
4. गंभीर स्तर की सुस्ती और आलस्य
  • इस परिस्थिति में कोरोना संक्रमितों को बुखार, खांसी, सिरदर्द, संघूने की शक्ति कमजोर पड़ने, गला बैठने और सीने में दर्द के साथ आलस्य और सुस्ती की समस्या रहती है। यह गंभीर रूप ले सकती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
5. भ्रम की स्थिति-
  • इस परिस्थिति में मरीज को सिरदर्द, सूंघने की शक्ति कमजोर पड़ने, भूख कम होने, खांसी, बुखार, गला बैठने, गले में खराश, सीने में दर्द, सुस्ती, मांसपेशियों में तनाव तो रहता ही है। इसके साथ ही उसमें भ्रम की स्थिति जैसे मानसिक लक्षण भी दिखते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
6. पेट दर्द के साथ सांस लेने में तकलीफ-
  • इस परिस्थिति में सिरदर्द, सूंघने की क्षमता कमजोर पड़ने, भूख मिटने, खांसी, बुखार, गला बैठने, गले में खराश, सीने में दर्द, सुस्ती, भ्रम होना, मांसपेशियों में खिंचाव, सांस लेने में तकलीफ के साथ दस्त और पेटदर्द की भी शिकायत होती है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
बाद के तीन स्तर ज्यादा खतरनाक
  • ब्रिटेन के किंग्स कॉलेज, लंदन के शोधकर्ताओं के मुताबिक, बाद के तीनों स्तर ज्यादा खतरनाक हैं। शोधकर्ताओं ने चौथे, पांचवें और छठे तरह के लक्षण से जूझ रहे मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की दर ज्यादा पाई है। ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट या वेंटिलेटर पर रखने की ज्यादा जरूरत पड़ती है। एक से छह स्तर तक खांसी, सिरदर्द, सूंघने की शक्ति कम होना सबसे आम लक्षण मिले। 

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आइसोलेशन वार्ड(File Photo) - फोटो : PTI
सही समय पर सही इलाज जरूरी
  • शोध टीम में शामिल क्लेयर स्टीव्स के मुताबिक, संक्रमण के पांचवे दिन से ही लक्षणों की गंभीरता समझ में आने लगती है। ऐसे में डॉक्टर संक्रमितों के खून में ऑक्सीजन के स्तर पर नजर रखते हुए आकलन कर लें तो मरीज की स्थिति गंभीर नहीं होगी। ऐसा करने से उनका सही दिशा में इलाज करने में मदद मिलेगी। 
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पल्स ऑक्सीमीटर - फोटो : सोशल मीडिया
पल्स ऑक्सीमीटर से मिलेगी मदद
  • संक्रमितों में ऑक्सीजन का स्तर क्या है, इसे मापने के लिए एक पोर्टेबल मशीन आती है- पल्स ऑक्सीमीटर। दिल्ली में हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए होम क्वारंटीन की अनुमति दी गई है। ऐसे मरीज अगर घर में भी रहें और पल्स ऑक्सीमीटर से अपना ऑक्सीजन लेवल मापते रहें तो सही समय पर इलाज करवा सकते हैं। 
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