फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हेल्थ अलर्ट: बारिश और बदलते मौसम ने कर दिया है बीमार? जानिए क्या सावधानियां बरतें

Tue, 29 Sep 2026 10:25 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बीते दिनों बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान सर्दी-जुकाम, बुखार और संक्रमण जैसी परेशानियां बढ़ गई हैं। इस समय साफ पानी, सुरक्षित भोजन, हाथों की सफाई और मच्छरों से बचाव जरूरी है।
विज्ञापन
1 of 4
बुखार होने पर क्या करें? - फोटो : Amarujala.com/AI
बीते दिनों उत्तर भारत के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश देखी गई। इसके बाद मौसम ने फिर एक बार करवट ली है। मौसम में हो रहे इस तरह के बदलाव का सेहत पर सीधा असर होता है। कभी तेज बारिश, कभी उमस और फिर अचानक तापमान में बदलाव से रोजमर्रा की दिनचर्या भी प्रभावित होती है। ये लोगों में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार या पेट से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकती है।

इसके अलावा बारिश के दौरान जमा पानी और साफ-सफाई में गड़बड़ी की स्थिति मच्छरों और दूसरे संक्रमणों से जुड़े जोखिमों को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। इसलिए सभी लोगों को इन दिनों सेहत को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन

2 of 4
वायरल बुखार की समस्या - फोटो : Freepik.com
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मौसम बदलने पर सर्दी-जुकाम होना काफी आम है। तापमान में उतार-चढ़ाव, वायरल संक्रमण, धूल-धुआं से नाक और गले में परेशानी हो सकती है। ऐसे समय में दवा लेने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो आइए जानते हैं कि किन बातों का ध्यान रखें।

शरीर को दें आराम
  • सर्दी-जुकाम होने पर शरीर को आराम दें और अच्छी नींद लें। बहुत ज्यादा थकान या लगातार काम करने से रिकवरी में समय लग सकता है। अगर कमजोरी या शरीर में दर्द महसूस हो रहा है तो आराम बहुत जरूरी है।
विज्ञापन

3 of 4
सर्दी-जुकाम की समस्या - फोटो : Freepik.com
इन बातों का भी रखें ध्यान

सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर गुनगुना पानी, सूप या दूसरे तरल पदार्थ लेते रहें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और गले में होने वाली खराश या सूखापन कुछ कम हो सकता है। 
 
  • गले में दर्द या खराश होने पर गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करें, इससे गले को राहत मिल सकती है। 
  • नाक बंद होने पर सलाइन नेजल ड्रॉप्स या सलाइन स्प्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • बंद नाक होने पर भाप लेने से आराम मिलता है। 
  • सर्दी-जुकाम के दौरान धूल, धुआं, सिगरेट से गले की जलन बढ़ा सकती हैं, इसलिए इनसे जितना संभव हो दूर रहें।
विज्ञापन

4 of 4
दवाओं को लेकर सावधानी - फोटो : Freepik.com
दवाओं को लेकर बरतें सावधानी

सिर्फ सर्दी-जुकाम होने पर खुद से एंटीबायोटिक न लें। सर्दी-जुकाम ज्यादातर वायरल संक्रमण के कारण होता है और ऐसे मामलों में एंटीबायोटिक फायदा नहीं करती। गलत तरीके से एंटीबायोटिक दवा लेने से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ सकता है।
 
  • अगर बुखार, सिरदर्द या शरीर में दर्द हो तो डॉक्टर की सलाह पर पैरासिटामोल दवा ले सकते हैं। 
  • वायरल संक्रमण आमतौर पर 3-5 दिनों के भीतर ठीक हो जाते हैं।


--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें