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Health Alert: कहीं आप खुद ही तो नहीं दे रहे बीमारियों को न्योता? ये एक आदत कैंसर समेत 62 बीमारियों का कारण

Tue, 19 May 2026 09:05 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अध्ययन में पाया गया है कि शराब कम से कम 62 बीमारियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। इनमें शराब से संबंधित हृदय रोग, मानसिक विकार, गैस्ट्राइटिस, अल्सर, अग्न्याशय की सूजन, फैटी लीवर, भ्रूण पर शराब के दुष्प्रभाव और लिवर सिरोसिस जैसी स्थितियां शामिल हैं।
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शराब पीने से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI
शराब अगर आपके लिए पार्टियों की असली जान है, स्ट्रेस कम करना हो या फिर अगर आप भी इसे सोशल लाइफ का हिस्सा मानते हैं, तो सावधान हो जाइए आप जानलेवा रोगों को खुद अपने घर पर बुला रहे हैं। स्ट्रेस में कई लोगों को शराब पीने से कुछ समय के लिए मूड अच्छा सा लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक इसका सेवन शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार शराब कई गंभीर बीमारियों और समय से पहले मौत का बड़ा कारण है। शराब का सीधा संबंध कई तरह के कैंसर से भी पाया गया है।

अध्ययनों से पता चलता है कि शराब शरीर में पहुंचकर ऐसी जहरीली प्रतिक्रियाएं करती है जिससे कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंच सकती हैं। यही वजह है कि मुंह, गले, लिवर, ब्रेस्ट और आंतों के कैंसर का खतरा शराब पीने वालों में अधिक देखा जाता है। 

कई लोग यह मानते हैं कि कम मात्रा में शराब नुकसान नहीं करती, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि शराब की कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं है, थोड़ी सी शराब भी जानलेवा खतरो को बढ़ाने वाली हो सकती है।
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शराब से होने वाले खतरे को जानिए - फोटो : Freepik.com
शराब का हर पैग आत्मघाती

आमतौर पर माना जाता है कि शराब पीने से केवल लिवर को ही नुकसान होता है, पर हकीकत ये है कि शराब  शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, मस्तिष्क, हृदय और यहां तक कि कैंसर के खतरे को भी बढ़ा देती है।
 
  • हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने शराब के हर पैग को आत्मघाती बताया है। 
  • विशेषज्ञों के अनुसार शराब का नियमित सेवन शरीर को कई स्तरों पर धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।
  • हालांकि समय रहते इसे छोड़ दी जाए तो कई स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सकता है और कुछ आंशिक नुकसान सुधर भी सकते हैं।
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शराब से कैंसर होने का खतरा - फोटो : Adobe Stock
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के डेनवर स्थित नेशनल ज्यूइश हेल्थ में हृदय रोग रोकथाम एवं वेलनेस विभाग के निदेशक डॉ. एंड्रयू फ्रीमैन कहते हैं, शराब शरीर पर विषैले प्रभाव डालती है।

वहीं टोरंटो स्थित इंस्टीट्यूट फॉर मेंटल हेल्थ पॉलिसी रिसर्च के वरिष्ठ वैज्ञानिक जर्गन रेहम कहते हैं कि  शराब कम से कम 62 बीमारियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। इनमें शराब से संबंधित हृदय रोग, मानसिक विकार, गैस्ट्राइटिस, अल्सर, अग्न्याशय की सूजन, फैटी लीवर, भ्रूण पर शराब के दुष्प्रभाव और लीवर सिरोसिस जैसी स्थितियां शामिल हैं। 

इसके अलावा करीब 30 अन्य बीमारियां ऐसी भी हैं जिनमें शराब जोखिम बढ़ाने वाला कारक बनती है। इनमें स्तन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, मधुमेह और डिमेंशिया शामिल हैं। 

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शराब पीने से इम्युनिटी पर असर - फोटो : Adobe stock photos
प्रतिरक्षा प्रणाली को करती है कमजोर

शराब का असर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर बहुत तेजी से पड़ता है। केवल एक ड्रिंक लेने के 20 मिनट के भीतर प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है। इससे शरीर की वायरस व बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता घट सकती है। 
 
  • शराब सफेद रक्त कोशिकाओं पर भी नकारात्मक असर डालती है। यही कोशिकाएं संक्रमण और कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।
  • यही कारण है कि शराब पीने वालों में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी अन्य लोगों से कहीं ज्यादा होता है।
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स्ट्रेस, मेंटल हेल्थ की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock Photo
मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरा

शराब की लत केवल शरीर ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक होती है। 
 
  • शुरुआत में शराब कुछ समय के लिए तनाव कम करती हुई महसूस हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे यह दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने लगती है। 
  • लगातार शराब पीने से व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, गुस्सा, चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
  • विशेषज्ञों के अनुसार शराब दिमाग में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर के संतुलन को बिगाड़ देती है। इससे मूड स्विंग, नींद की समस्या और सोचने-समझने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक शराब पीने वालों में याददाश्त कमजोर होना और निर्णय लेने की क्षमता कम होना भी देखा जाता है।



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स्रोत:
A review of the relationship between dimensions of alcohol consumption and the burden of disease: 2026 update including Mendelian randomisation studies


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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