एआई करेगा डॉक्टरों की मदद
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दवा लिखते समय गलती पकड़ने में मिलेगी मदद
नानयांग बिजनेस स्कूल और नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के शियाओदान शाओ, विवेक चौधरी और अर्नब मजूमदार ने ये अध्ययन किया। अध्ययन में समय के साथ डॉक्टरों के व्यवहार में एक और दिलचस्प बदलाव देखा गया।
- शुरुआत में जब एआई सिस्टम संभावित खतरे की चेतावनी देता था, तो डॉक्टर उस जानकारी के आधार पर कुछ दवाओं को बदलते या हटाते थे और इस तरह संभावित गलती को सुधारते थे।
- लेकिन बाद में सिर्फ चेतावनी मिलने पर प्रतिक्रिया देने के बजाय डॉक्टर पहले से मिली जानकारी से सीखने लगे।
- यानी उन्हें यह समझ आने लगा कि किन दवाओं के कॉम्बिनेशन को लेकर ज्यादा सावधानी बरतनी है।
इससे संकेत मिलता है कि एआई की भूमिका केवल दवा लिखते समय गलती पकड़ने तक सीमित नहीं रह सकती। लगातार इस्तेमाल होने पर यह डॉक्टरों को संभावित दवा जोखिमों के बारे में बेहतर निर्णय लेने में भी मदद कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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