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कोरोना संकट: आइसोलेशन नियमों में सीडीसी ने किए बदलाव, 14 नहीं अब इतने दिन रहना होगा सबसे अलग

Sat, 01 Jan 2022 01:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना होम आइसोलेशन के नियम - फोटो : iStock
भारत सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन और अमेरिका में कोरोना के दैनिक मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, वहीं भारत में भी हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह देश में तीसरी लहर का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कोरोना के तेजी से बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी लोगों को कोरोना से बचाव के नियमों का लगातार पालन करते रहना चाहिए, इसमें कोई भी लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। 

आइसोलेशन और क्वारंटीन, कोविड के प्रसार को रोकने के लिए दो महत्वपूर्ण मानदंड माने जाते रहे हैं। महामारी की शुरुआत से ही सलाह दी जाती रही है कि जिन लोगों का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आ जाए उन्हें संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षात्मक दृष्टि से 14 दिनों के लिए खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए। हालांकि अब अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने इन नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। आइए जानते हैं कि सीडीसी ने आइसोलेशन और क्वारंटीन के नियमों में क्या बदलाव किए हैं और इसके पीछे क्या तर्क है?
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आइसोलेशन नियमों में बदलाव - फोटो : iStock
आइसोलेशन के नियमों में बदलाव
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग ने कुछ समय पहले ही आइसोलेशन और क्वारंटाइन की अवधि को 14 दिन से घटाकर 10 कर दिया था। अब इसमें एक बार फिर से बदलाव करते हुए इसे घटाकर 5 दिन कर दिया है। सीडीसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट किया है, कोविड-19 वाले लोगों को 5 दिनों के लिए खुद को आइसोलेट होना चाहिए। यदि वे एसिम्टोमैटिक हैं या उनके लक्षण ठीक हो रहे है और बुखार नहीं है तो मास्क पहनकर अगले पांच दिनों तक लोगों के आसपास रह सकते हैं।
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घर में खुद को करें आइसोलेट - फोटो : iStock
टीकाकरण वालों के लिए नियम
सीडीसी के नए नियमों के मुताबिक जिन लोगों का टीकाकरण नहीं हुआ है या वैक्सीन की दूसरी खुराक लिए छह महीने से अधिक समय बीत चुका है, उन्हें 5 दिनों के लिए आइसोलेट होने की आवश्यकता है। इसके बाद गले 5 दिनों तक लिए मास्क का उपयोग करते हुए घर के लोगों को संपर्क में रह सकते हैं। 

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कोरोना संक्रमण का खतरा - फोटो : Pixabay
नियमों में बदलाव के पीछे क्या तर्क है?
आइसोलेशन और क्वारंटाइन की अवधि में किए गए बदलावों को लेकर सीडीसी का कहना है, अध्ययनों से पता चलता है कि सार्स-सीओवी-2 वायरस बीमारी के शुरुआती दौर में अधिक फैलता है। संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण के पहले 2-3 दिनों में अन्य लोगों को खतरा अधिक होता है, ऐसे में इन दिनों आइसोलेशन आवश्यक माना जाता है। इस अवधि के बाद सामान्यतौर पर दूसरों को संक्रमित करने की आशंका कम हो जाती है, ऐसे में 5 दिनों से ज्यादा का आइसोलेशन आवश्यक नहीं है। हालांकि जब तक रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए सतर्कता बरतना और मास्क पहनना जरूरी है।
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कोरोना से बचाव के नियम - फोटो : pixabay
भारत में क्या नियम हैं?
भारत में अभी भी आइसोलेशन और क्वारंटाइन की अवधि 14 दिनों की ही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह के नियम अपने देश में लागू नहीं किए जा सकते हैं। जिस तरह से देश में ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहा है, ऐसे में लोगों को विशेष सतर्कता बरतते रहने की आवश्यकता है। आइसोलेशन और क्वारंटाइन के समय को कम करने से गंभीर नुकसान हो सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत की स्थिति में बहुत अंतर है। देश में अभी भी बड़ी आबादी को दूसरी डोज नहीं मिली है ऐसे में मानदंडों में ढील देने से और समस्याएं आ सकती हैं।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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