भारत सहित दुनिया के कई देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। ब्रिटेन और अमेरिका में कोरोना के दैनिक मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं, वहीं भारत में भी हालात दिन-प्रतिदिन बिगड़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह देश में तीसरी लहर का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कोरोना के तेजी से बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी लोगों को कोरोना से बचाव के नियमों का लगातार पालन करते रहना चाहिए, इसमें कोई भी लापरवाही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
आइसोलेशन और क्वारंटीन, कोविड के प्रसार को रोकने के लिए दो महत्वपूर्ण मानदंड माने जाते रहे हैं। महामारी की शुरुआत से ही सलाह दी जाती रही है कि जिन लोगों का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आ जाए उन्हें संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षात्मक दृष्टि से 14 दिनों के लिए खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए। हालांकि अब अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने इन नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। आइए जानते हैं कि सीडीसी ने आइसोलेशन और क्वारंटीन के नियमों में क्या बदलाव किए हैं और इसके पीछे क्या तर्क है?