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Health Alert: हाई कोलेस्ट्रॉल के इन लक्षणों को बिल्कुल न करें अनदेखा, थोड़ी सी भी लापरवाही पड़ सकती है भारी

Thu, 19 Jun 2025 06:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कोलेस्ट्रॉल एक मोमी, वसा जैसा पदार्थ है जो शरीर की सभी कोशिकाओं में पाया जाता है।
  • कोलेस्ट्रॉल का स्तर जब सामान्य से अधिक हो जाता है तो इसके स्वास्थ्य पर कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षणों के बारे में बताते हैं, जिनपर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। इन्हें अनदेखा करना आपके लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकता है।
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कोलेस्ट्रॉल की समस्या - फोटो : Adobe stock
High Cholesterol: कोलेस्ट्रॉल बढ़ना आपकी सेहत के लिए काफी समस्याकारक हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल एक मोमी, वसा जैसा पदार्थ है जो शरीर की सभी कोशिकाओं में पाया जाता है। यह स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण, हार्मोन्स, विटामिन डी और पाचन में सहायता करने वाले पदार्थों के उत्पादन के लिए आवश्यक है। हालांकि, कोलेस्ट्रॉल का स्तर जब सामान्य से अधिक हो जाता है तो इसके स्वास्थ्य पर कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। यही कारण है कि सभी लोगों को कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है।

हाई कोलेस्ट्रॉल का स्तर हृदय रोगों का कारण बन सकता है, पर इसके दुष्प्रभाव यहीं तक सीमित नहीं है। अगर इसे अनदेखा कर दिया जाए तो कई अन्य गंभीर और जानलेवा समस्याएं भी खड़ी हो सकती हैं।
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कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या होता है - फोटो : Adobe Stock
कम उम्र के लोगों में भी देखी जा रही है हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या

आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही लोगों को लगता है कि यह सिर्फ बढ़ती उम्र या मोटापे से जुड़ी स्थिति है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं अधिक गंभीर है। हाई कोलेस्ट्रॉल रक्त वाहिकाओं को जाम कर सकता है जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का खतरा पैदा हो जाता है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की दिक्कत सिर्फ उम्र बढ़ने से संबंधित नहीं है, कम उम्र यहां तक कि 20 की आयु वालों में भी हाई कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत देखी जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके कुछ लक्षणों के बारे में बताते हैं, जिनपर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। इन्हें अनदेखा करना आपके लिए बड़ी मुसीबतों का कारण बन सकता है।
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आंखों के आसपास कोलेस्ट्रॉल के लक्षण - फोटो : Freepik.com
यहां गौर करने वाली बात ये भी है कि अधिकतर मामलों में हाई कोलेस्ट्रॉल के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन शरीर कुछ संकेत जरूर देता है, जिन्हें पहचानना बेहद जरूरी है। कई मेडिकल शोधों के अनुसार, ये संकेत समय रहते दिख जाएं तो गंभीर जोखिमों को टाला जा सकता है।

आंखों के आस पास दें ध्यान

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे आम लक्षण आंखों के चारों ओर पीला जमाव है। आंखों की पलकों या आसपास की त्वचा पर पीले या सफेद वसायुक्त धब्बे दिखना कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत हो सकता है। यह लिपिड डिसऑर्डर से जुड़ा होता है। अगर आप इस तरह के लक्षणों को देख रहे हैं तो इसे अनदेखा न करें।

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पैरों में सुन्नपन की समस्या - फोटो : Adobe Stock
हाथ-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी

हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति रक्त प्रवाह को बाधित करने लगती है जिससे नसों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ये समस्या अगर लंबे समय तक बनी रहती है तो इसके कारण हाथों-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी हो सकती है। यह धमनियों में रुकावट की ओर इशारा करता है।

हाथों-पैरों में होने वाली इस समस्या के बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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सीने में दर्द या दबाव - फोटो : Adobe stock photos
छाती में दर्द या भारीपन

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से सबसे ज्यादा खतरा हृदय स्वास्थ्य को रहता है। धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमने से दिल को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता, जिससे सीने में दर्द या दबाव महसूस हो सकता है। व्यायाम के दौरान ये दिक्कत अधिक महसूस होती है। इसी तरह सामान्य चलने-फिरने में भी सांस फूलना इस बात का संकेत हो सकता है कि हृदय को पूरी क्षमता से काम करने में दिक्कत हो रही है। इन स्थितियों में डॉक्टर की सलाह पर कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करा लें।

अगर आपको इन लक्षणों में कोई भी बार-बार दिखाई दे, तो डॉक्टर से लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर कराएं। हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए सही डाइट, व्यायाम और जरूरत पड़ने पर दवाओं की मदद ली जा सकती है। समय रहते समस्या पर ध्यान देकर आप जानलेवा स्थितियों से बच सकते हैं।




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नोट: 
यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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