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Health Alert: दिल ही नहीं आंखों के लिए भी नुकसानदायक है हाई कोलेस्ट्रॉल, क्या होती हैं दिक्कतें?

Sun, 22 Feb 2026 07:47 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल की बीमारियों के लिए हाई कोलेस्ट्रॉल को बड़ा कारण माना जाता है। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने के कारण आंखों को भी खतरा हो सकता है। इसके कारण आंखों में दर्द की समस्या से लेकर धुंधला दिखने तक की दिक्कत हो सकती है। इस तरह के संकेतों पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है।
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आंखों में कोलेस्ट्रॉल के लक्षण - फोटो : Freepik.com
दिल की बीमारियां कम उम्र के लोगों में भी तेजी से बढ़ती जा रही हैं। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल अक्सर हाई रहता है उनमें हृदय रोगों का खतरा सबसे ज्यादा होता है। कोलेस्ट्रॉल एक मोमनुमा पदार्थ है, यह वास्तव में शरीर के लिए बहुत आवश्यक होता है। आपके शरीर को कोशिकाओं के निर्माण और विटामिन-अन्य हार्मोन बनाने के लिए इसकी आवश्यकता होती है। पर इसकी अधिकता शरीर के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती है। हाई कोलेस्ट्रॉल, रक्त वाहिकाओं में रुकावट का कारण बन सकता है जिसे हृदय के लिए नुकसानदायक माना जाता है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण, ब्लड प्रेशर की समस्याओं के रूप में देखने को मिलते हैं। पर क्या आप जानते हैं, आंखों में होने वाली कुछ समस्याओं के आधार पर भी कोलेस्ट्रॉल की समस्या का निदान किया जा सकता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने के कारण आंखों में दर्द की समस्या से लेकर धुंधला दिखने तक की दिक्कत हो सकती है। इस तरह के संकेतों पर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है।

आइए जानते हैं कि आंखों में किस प्रकार की दिक्कतों के आधार पर जाना जा सकता है कि शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा तो नहीं है?
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आंखों के आसपास पीले धब्बे - फोटो : Freepik.com
कोलेस्ट्रॉल का आंखों पर असर

नेत्र रोग विशेषज्ञ निकोल बाजिक कहते हैं, यह जानकर आपको आश्चर्य हो सकता है कि कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, वास्तव में आपकी आंखों के लिए समस्याएं पैदा कर सकता है, इसमें आपकी पलकों के आसपास पीले रंग का जमाव होना सबसे आम है।
 
  • इस स्थिति को जैंथेलाज्मा कहा जाता है। जिसमें आंखों के आसपास की त्वचा में छोटे, पीले रंग का फैटी जमाव हो सकता है, विशेष रूप से पलकों पर।
  • इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल के कारण आंखों में कई और तरह की दिक्कतें हो सकती हैं, जिनपर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता होती है।
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आंख में बदलाव - फोटो : Freepik.com
आंखों के आसपास पीले रंग का उभार

जैंथिलास्मा पैल्पेब्रारम एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंखों के आसपास पीले रंग की उभार वाली त्वचा दिख सकती है। इसे मधुमेह, और थायरॉइड डिसफंक्शन सहित कई चिकित्सा स्थितियों से भी जोड़कर देखा जाता है।

डॉ. बाजिक कहते हैं, यह उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले कुछ लोगों में क्यों होता है और दूसरों में नहीं, इसके कारण बहुत स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि अगर आपको भी ये दिक्कत हो रही है तो किसी डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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कोलेस्ट्रॉल और हार्ट की समस्याएं - फोटो : Adobe Stock
रेटिनल वेन इंक्लूजन की समस्या

रेटिनल वेन इंक्लूजन (आरवीओ) किसी धमनी या नस में रुकावट के कारण होता है, इसे भी हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाली दिक्कत माना जाता है।
 
  • डॉक्टरों के अनुसार, जब रेटिना में रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है, तो यह समस्या होती है।
  • अगर इसका इलाज न किया जाए तो सेंट्रल रेटिनल वेन  इंक्लूजन की समस्या के कारण अंधेपन की दिक्कत भी हो सकती है।
  • इसे गंभीरता से  हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या के तौर पर देखा जाना चाहिए।


कॉर्निया से संबंधित समस्याएं

कोलेस्ट्रॉल के जमाव के कारण कॉर्निया के चारों ओर नीले या भूरे रंग के छल्ले बनने की समस्या को आर्कस सेनिलिस के नाम से जाना जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, इन छल्लों को फैमिलियल हाइपरलिपिडिमिया के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि ये एक आनुवंशिक रूप हैं। आर्कस सेनिलिस से पीड़ित लोगों के रक्त में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स का असामान्य रूप से स्तर बढ़ा हुआ होता है, इस तरह की समस्या होने पर कोलेस्ट्रॉल की जांच कराना आवश्यक माना जाता है।




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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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