फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हेल्थ अलर्ट: पेट का दर्द कब हो सकता है हार्निया का संकेत? किन लक्षणों से करें इसकी पहचान, जानिए सबकुछ

Tue, 08 Sep 2026 10:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पेट या ग्रोइन में उभार के साथ दर्द, भारीपन या खिंचाव हार्निया का संकेत हो सकता है। खांसने, जोर लगाने और वजन उठाने पर लक्षण बढ़ सकते हैं। अचानक तेज दर्द, उल्टी, बुखार या ऐसा उभार जो वापस अंदर न जाए, इमरजेंसी का संकेत हो सकता है।
विज्ञापन
1 of 5
हार्निया की समस्या - फोटो : Amarujala.com/AI
क्या आपको भी अक्सर पेट में दर्द और सूजन बना रहता है, कई बार ये समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है? अगर हां तो सावधान हो जाइए, कहीं ये हार्निया का संकेत तो नहीं है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पेट में दर्द होना आम समस्या है। गैस, कब्ज, अपच या मांसपेशियों में खिंचाव जैसी कई वजहों से पेट में दर्द हो सकता है। लेकिन अगर दर्द के साथ पेट के नीचे की और कोई उभार महसूस हो तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। ये समस्या हार्निय की तरफ इशारा हो सकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक हार्निया का दर्द खांसने या वजन उठाने पर ज्यादा होता है और लेटने पर राहत मिल जाती है, अगर आपको भी ये दिक्कत है तो इसे सिर्फ सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हार्निया वैसे तो कोई गंभीर समस्या नहीं मानी जाती है हालांकि समय पर इलाज न मिलने पर इससे  गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कहीं आप भी तो इसका शिकार नहीं हैं?
विज्ञापन

2 of 5
पेट की समस्याएं- हार्निया - फोटो : Freepik.com
हार्निया की समस्या

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हार्निया तब होता है जब शरीर के अंदर का कोई हिस्सा जैसे आंत या फैटी टिश्यू, पेट की कमजोर मांसपेशियों की दीवार से बाहर की तरफ उभरने लगता है। कई बार हार्निया लंबे समय तक कोई लक्षण नहीं देती है, लेकिन कुछ मामलों में आंत का हिस्सा इसमें फंस सकता है और उसकी रक्त आपूर्ति रुक सकती है। ऐसी स्थिति मेडिकल इमरजेंसी बन सकती है।

 
  • हर्निया की दिक्कत जन्मजात भी हो सकती है या उन लोगों में विकसित हो सकती है जिनके पेट की दीवार में कमजोरी होती है। 
  • कुछ प्रकार की गतिविधियां और चिकित्सा समस्याएं पेट की दीवार पर दबाव बढ़ाती हैं, जिसके कारण भी हर्निया हो सकती हैं। 
  • लंबे समय तक कब्ज के कारण अगर शौच करते समय बार-बार और अधिक जोर लगाना पड़ता है तो इसके कारण ये समस्या हो सकती है।
विज्ञापन

3 of 5
हार्निया की समस्या - फोटो : freepik.com
हार्निया की दिक्कत क्यों होती है?

डॉक्टर मानते हैं कि पेट की दीवार में कमजोरी हार्निया की मुख्य वजह हो सकती है। इसके अलावा जन्मजात कमजोरी के अलावा उम्र बढ़ने के साथ टिश्यू कमजोर होना भी कारण हो सकता है। जिन लोगों को लगातार कब्ज, लंबे समय तक खांसी बनी रहती है उनमें भी हार्निया का जोखिम देखा जाता रहा है।
 
  • भारी वजन उठाना और पेट के अंदर दबाव बढ़ाने वाली गतिविधियां भी आपमें हार्निया का जोखिम बढ़ा सकती हैं।
  • लगातार खांसी, सिस्टिक फाइब्रोसिस, प्रोस्टेट की समस्या, अधिक वजन या मोटापा के अलावा पेट में तरल पदार्थ की अधिकता भी इस समस्या का कारण बन सकती है।

4 of 5
पेट में होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com
कौन से संकेत हार्निया की तरफ इशारा करते हैं?

डॉक्टर बताते हैं, वैसे तो हर बार पेट में दर्द होना हार्निया नहीं होता, हालांकि अगर आपको या बार-बार दर्द की दिक्कत बनी रहती है तो डॉक्टर से मिलकर जांच जरूर करा लें। इसके अलावा पेट की कुछ दिक्कतों से भी इसकी पहचान की जा सकती है।
 
  • पेट या ग्रोइन में उभार या गांठ
  • खांसने, छींकने या जोर लगाने पर उभार अधिक दिखना
  • वजन उठाने पर दर्द या भारीपन
  • खड़े रहने पर परेशानी और लेटने पर राहत
  • ग्रोइन में जलन या खिंचाव
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
डॉक्टर की सलाह जरूरी - फोटो : Adobe stock
कब हो जाएं अलर्ट?

अगर हार्निया का उभार अचानक बड़ा हो जाए, पेट में तेज दर्द हो, बुखार आए या पेट फूलने के साथ मतली-उल्टी हो, तो तुरंत डॉक्टरी सहायता लें। आंत का हिस्सा फंसने और उसकी रक्त आपूर्ति रुकने की स्थिति गंभीर और जानलेवा हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, पेट की मांसपेशियों और ऊतकों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए कुछ उपायों को प्रयोग में लाया जा सकता है। स्वस्थ वजन बनाए रखना, आहार में हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थों को शामिल कराना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें