ड्रग तस्करों, बॉलीवुड और चंदन तस्करों की कथित साठगांठ को लेकर हाल के सालों में जो सबसे गंभीर चर्चा छिड़ी है उसका असर मनोरंजन और मीडिया जगत समेत कई और क्षेत्रों पर पड़ा है। बॉलीवुड इंडस्ट्री से जुड़े बड़े नामों से लेकर ड्रग तस्करों के जाल में फंस कर गांजा उगाने वाले छोटे किसानों के जीवन पर इसका कितना असर होगा, ये समझने के लिए अभी और वक्त लगेगा। लेकिन ऐसा लगता है कि इस विवाद का बड़ा असर गांजे के पौधे के औषधीय गुणों और इसके गैर-नशीले और लत न लगने से जुड़े गुणों को लेकर जारी वैज्ञानिक शोध पर पड़ रहा है।
जांच एजेंसियों और मीडिया का गांजा और कृत्रिम नशीले पदार्थों को एक ही चश्मे से दिखाने का असर ये हो रहा है कि कई लोग अब ये मानने लगे हैं कि गांजे का पूरा पौधा न केवल बुरा है बल्कि बेहद हानिकारक है। ये हालात तब हैं जब इस पौधे को लेकर किए गए वैश्विक रिसर्च में ये बात सामने आई है कि इसके गैर-नशीले और लत न लगने हिस्सों का इस्तेमाल मिर्गी, मानसिक विकारों, कैंसर के मरीजों में दर्द कम करने, कई तरह के स्क्लेरोसिस और त्वचा की बीमारियों में किया जा सकता है।