गर्मी के कारण होने वाली दिक्कतें
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शरीर खुद को करता रहता है ठंडा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारे शरीर का मैकेनिज्म ऐसा है कि वह खुद को गर्मी से बचाए रखने के लिए काम करता रहता है। तापमान बढ़ने की स्थिति में शरीर पसीने का उत्पादन बढ़ाकर खुद को ठंडा करता है। हालांकि जब गर्मी और नमी का स्तर बहुत ज्यादा हो जाता है, तो यह सिस्टम फेल होने लगता है। ऐसे में पहले हीट एग्जॉशन होता है।
हीट एग्जॉशन को स्वास्थ्य विशेषज्ञ एक चेतावनी की तरह मानते हैं। अगर इस स्थिति को नजरअंदाज किया जाए तो यह हीट स्ट्रोक में बदल सकता है, जिसे जानलेवा तक माना जाता है। आइए इन दोनों में अंतर समझ लेते हैं।
पहले हीट एग्जॉशन के बारे में जान लीजिए
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि हीट एग्जॉशन तब होता है, जब आपके शरीर से पसीने के रूप में ज्यादा मात्रा में पानी और नमक निकल जाता है।
- इससे शरीर कमजोर होने लगता है और तापमान नियंत्रित करने की क्षमता में दिक्कत आ जाती है।
- ये गर्मी से जुड़ी एक शुरुआती स्थिति होती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
- अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली जैसी स्थितियां हीट एग्जॉशन का संकेत हो सकती हैं।
- कई बार व्यक्ति को बेहोशी जैसा महसूस भी हो सकता है। यह स्थिति आमतौर पर लंबे समय तक धूप में रहने या पर्याप्त पानी न पीने से होती है।