Heart Day 2026: दिल की बीमारी से बचना है तो सिर्फ लक्षणों का इंतजार न करें, बल्कि रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान दें। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आपकी रोजमर्रा की आदतें दिल की सेहत पर असर डाल सकती हैं। कई बार हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में मौजूद रहता है और धीरे-धीरे हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है।
ऐसे में दिल को स्वस्थ रखने के लिए आज से ही अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव करना जरूरी है। आज के इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी ही आदतों की याद दिलाएंगे, जिसे आपको बदलना है।
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29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे
- फोटो : Adobe stock
दिल को स्वस्थ रखने वाली 5 आदतें
1. खाने में नमक और अस्वास्थ्यकर वसा कम करें
बहुत ज्यादा नमक, तला-भुना खाना, ट्रांस फैट और संतृप्त वसा का अधिक सेवन दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खाने में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दाल और फाइबर वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
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2. रोज कम से कम कुछ समय शरीर को सक्रिय रखें
लंबे समय तक लगातार बैठे रहने की आदत कम करें। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैरना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना दिल के लिए फायदेमंद हो सकता है। शुरुआत धीरे करें और नियमितता पर ध्यान दें।
सिगरेट, बीड़ी और दूसरे तंबाकू उत्पाद दिल और रक्त वाहिकाओं पर बुरा असर डाल सकते हैं। अगर आप धूम्रपान करते हैं तो इसे छोड़ना दिल की सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक हो सकता है।
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4. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें
हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल कई बार बिना किसी साफ लक्षण के भी हो सकता है। इसलिए उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच कराते रहना जरूरी है।
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5. वजन, ब्लड शुगर और तनाव पर ध्यान दें
अधिक वजन, मोटापा और अनियंत्रित ब्लड शुगर हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकते हैं। पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव को संभालने की स्वस्थ आदतें भी दिल की सेहत के लिए जरूरी हैं।
सीने में दबाव या दर्द, सांस लेने में परेशानी, अचानक पसीना आना, चक्कर, कमजोरी या दर्द का हाथ, कंधे, पीठ अथवा जबड़े तक पहुंचना गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।